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मतदाता सूची में शहर के हजारों लोग इधर से उधर, कई के नाम गायब

7 वर्ष पहले
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रायपुर. राजधानी में ऐसे दो-तीन नहीं दर्जनों वार्ड हैं जिनकी मतदाता सूची में भारी गड़बड़ियां हैं। तहसील और कलेक्टोरेट में हर दिन बड़ी संख्या में ऐसे लोग पहुंच रहे हैं जिनके नाम मतदाता सूची से गायब है। नगर निगम और जिला प्रशासन की ओर से हर वार्ड के मतदान केंद्रों में आपत्ति लेने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। लेकिन पहले आईसीएल मैचों और बाद में केबीसी में कर्मचारियों और अफसरों के व्यस्त होने की वजह से मतदाता सूची सुधारने का काम धीमा पड़ गया है। लोग मतदान केंद्रों में जाते हैं तो उन्हें वहां कोई नहीं मिलता है। तहसील में भी आवेदन लेने से जमा करने तक लोगों को कई चक्कर काटने पड़ रहे हैं।

मतदाता सूची को लेकर मिल रही शिकायतों में कई गंभीर शिकायतें भी शामिल हैं। कई वार्डों में पति-पत्नी एक साथ रहते हैं, लेकिन उनके बूथ नंबर अलग-अलग हैं। एक ही परिवार के पिता और पुत्र का भी मतदान केंद्र बदल गया है। शहर के दो दर्जन से ज्यादा वार्डों के लोगों का नाम दूसरी वार्ड की मतदाता सूची में शामिल हो गया है। बिना किसी खास सर्वे और ठोस योजना के वार्डों की सीमाओं का निर्धारण करने की वजह से मतदाता सूची में भारी उलटफेर हो गया है।
अब इन्हें सुधारने के बजाय अफसर केवल आवेदन लेने का ही काम कर रहे हैं।
पार्षदों, नेताओं के नाम गायब

मतदाता सूची की गलतियों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वार्ड नंबर 29 सुभाषचंद्र बोस वार्ड के पार्षद राकेश धोतरे का नाम उन्हीं के वार्ड की मतदाता सूची से कट गया है। पूर्व विधायक अमितेष शुक्ल की पत्नी और उनके परिवार के कई सदस्यों का नाम खम्हारडीह से कट गया है। मौदहापारा से भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ने वाले राधे दुर्गा का नाम भी उनके वार्ड की मतदाता सूची से गायब है। इसी वार्ड के कांग्रेस अध्यक्ष इस्माइल अशरफी का नाम भी सूची में नहीं है। निगम के नेता प्रतिपक्ष सुभाष तिवारी के परिवारवालों का नाम भी उनके वार्ड से कट गया है।
60 हजार के बदले बूथ

नगरीय निगम चुनाव के लिए कांग्रेस के रायपुर प्रभारी और पूर्व मंत्री बीडी कुरैशी और जिलाध्यक्ष विकास उपाध्याय का दावा है कि रायपुर की मतदाता सूची में 60 हजार लोगों के नामों में गड़बड़ी है। इन लोगों के नाम या तो मतदाता सूची से काट दिए गए हैं या फिर उनका नाम किसी और वार्ड में जोड़ दिया गया है। इसकी शिकायत तहसील, कलेक्टोरेट और राज्य निर्वाचन आयोग से की गई, लेकिन अब तक लोगों को राहत नहीं मिली है।

30 तक जुड़वा सकेंगे नाम
जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से विलोपित हो गए है या जो लोग नया नाम जुड़वाना चाहते हैं वे 30 सितंबर तक अपने वार्डों के मतदान केंद्रों में या तहसील कार्यालय से निशुल्क आवेदन पत्र लेकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं।
शिकायत करें गड़बड़ी की
मतदाता सूची को लेकर किसी को भी कोई आपत्ति है तो वे मतदान केंद्रों में लगे शिविरों में शिकायत कर सकते हैं। 70 वार्डों में दावा-आपत्ति के साथ नाम जोड़ने का काम किया जा रहा है।- - ठाकुर राम सिंह, कलेक्टर
दो दर्जन से ज्यादा वार्डों के लोगों का नाम दूसरी वार्ड की सूची में
केस- 1 : समता कॉलोनी में स्थित राधाकृष्ण मंदिर क्षेत्र के आसपास रहने वाले दो सौ से ज्यादा लोगों के नाम बिना किसी सूचना के रामसागरपारा वार्ड से हटाकर शहीद चूड़ामणि वार्ड में जोड़ दिए गए। रासगरबा मैदान के पास रहने वालों के नाम अब भी रामसागरपारा में जुड़े हैं।
केस- 2 : राजीव पांडे वार्ड (संजय नगर) में स्थित सुदामा नगर में रहने वाले पांच सौ से ज्यादा लोगों के नाम बिना कोई सूचना दिए वार्ड नंबर 54 से हटाकर 55 में जोड़ दिए। पार्षद का कहना है कि विधानसभा चुनाव में भी ये तमाम लोग संजय नगर वार्ड के ही मतदाता थे।
केस-3 : हवलदार अब्दुल हमीद वार्ड (मौदहापारा) सुभाष नगर उत्कल बस्ती के 410 मतदाताओं के नाम बाबू जगजीवन राम वार्ड नंबर 40 की मतदाता सूची के भाग दो में जोड़ दिया गया है। अर्थात इन लोगों को सीधे-सीधे वार्ड से बाहर कर दिया गया है।