रायपुर. मेडिकल कॉलेज की 82 पीजी सीटों पर अब जुलाई के बाद प्रवेश हो सकेगा। सुप्रीम कोर्ट में एनईईटी (नेशनल एलीजिबिलिटी कम इंट्रेंस टेस्ट फॉर पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल कोर्स) के जरिए मेडिकल कॉलेजों की पीजी सीटों पर प्रवेश देने संबंधी मामले का फैसला टल गया है। अब एक जुलाई तक न्यायालय बंद रहेगा। ऐसी स्थिति में कोर्ट खुलने के बाद ही सुनवाई हो सकेगी। तब तक राज्य की पीजी सीटों की परीक्षा देने वाले एक हजार से ज्यादा छात्रों का भविष्य अधर में लटका रहेगा।
सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों की पीजी सीट में प्रवेश देने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक ही परीक्षा आयोजित करने के उद्देश्य से मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने एनईईटी सिस्टम इस साल से लागू किया है। नवंबर में इसके तहत परीक्षा आयोजित की गई थी। तय शेडच्यूल के अनुसार जनवरी में नतीजे घोषित होने थे।
परीक्षा के बाद निजी मेडिकल कॉलेज विरोध में खड़े हो गए। उन्होंने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी। उनका कहना था कि जिस तरह अभी उन्हें पीजी में प्रवेश के लिए परीक्षा आयोजित करने की छूट है, वही सिस्टम लागू रहने दिया जाए। सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई चल रही है। शुक्रवार को फैसला आने की पूरी संभावना थी। विद्यार्थियों के साथ-साथ मेडिकल कॉलेज प्रबंधन और चिकित्सा शिक्षा विभाग को फैसले का इंतजार था।
नियमों में उलझेगी प्रवेश प्रक्रिया
मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के निर्देश के अनुसार 30 मई के बाद पीजी सीटों पर प्रवेश नहीं दिया जा सकता। सीटों पर दाखिले का मामला चूंकि सुप्रीम कोर्ट में अटका है, ऐसी स्थिति में विशेषज्ञों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट से फैसला आने के बाद प्रवेश देने और उसकी तारीख के बारे में निर्णय लिया जाएगा।