भिलाई / रायपुर। भिलाई की रेणुका यादव भारतीय हॉकी टीम में चुनी गई हैं। वे टीम के साथ सोमवार को स्पेन रवाना होंगी। वहां 10 फरवरी से टूर्नामेंट होगा। इसमें स्पेन के क्लब के अलावा अन्य देशों की टीम भी रहेंगी। टीम की कप्तान ऋतु रानी हैं। रेणुका के चयन की कहानी बड़ी रोचक है। उन्हाेंने ‘भास्कर‘ से अपने 8 साल के संघर्ष की कहानी बताई। उन्होंने कहा, ‘मुझे बचपन से ही हॉकी पसंद है। जब मैं दूध बेचने साइकिल से जाती थी, तो म्युनिसिपल स्कूल ग्राउंड में हॉकी मैच चल रहा होता था। साइकिल खड़ी करके मैच देखती।
एक दिन वहां कोच भूषण साव सर से मिली। सर ने मुझसे पूछा, हॉकी खेलना है? मैंने तुरंत हां कह दिया और हॉकी की स्टिक थाम ली।’ 20 साल की खिलाड़ी ने बताया, मैंने हॉकी खेलने की बात घर से तीन महीने तक छिपाए रखी। रोजाना सुबह-शाम दो घंटे हॉकी की प्रैक्टिस करती। एक दिन मां को मैंने ये बात बताई और हॉकी स्टिक खरीदने कहा। उन्होंने मना कर दिया। कहा कि हम गरीब लोग हैं।
खेल-वेल हमसे नहीं होगा। लेकिन मैंने प्रैक्टिस जारी रखी। मेरे खेल को देखते हुए कोच ने ही हॉकी स्टिक खरीदकर दिया। इसके बाद से नेशनल खेलने का दौर शुरू हुआ। मैं 8वीं में ही चार नेशनल खेल चुकी थी।
रेलवे में टीसी हैं रेणुका : रेणुका मिड हाॅफ फील्ड पोजिशन पर खेलती हैं। तीन साल से सीनियर इंडिया हॉकी कैंप में हैं। सेंट्रल रेलवे में टिकट चेकर हैं। ड्यूटी मुंबई जोन में है। घर में छोटा भाई कोमल, मां कांति और पिता मोतीलाल हैं। बड़ी बहन की शादी हो गई है।
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