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21 दिनों बाद एमआरआई मशीन से जांच शुरू, मरीजों को बड़ी राहत

7 वर्ष पहले
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रायपुर. अंबेडकर अस्पताल में स्ट्रेचर कांड के बाद 21 दिनों से बंद एमआरआई मशीन चालू हो गई है। मशीन से सोमवार को आठ मरीजों की जांच की गई।राज्य की सबसे हाई पॉवर वाली मशीन होने के कारण इसके चालू होने से मरीजों को बड़ी राहत मिली है। मशीन सप्लाई करने वाली कंपनी सुधार करने के बाद अस्पताल प्रबंधन को 40 लाख का बिल थमा दिया है। डीन डॉ. एके चंद्राकर का कहना है कि भारी-भरकम बिल का परीक्षण किया जाएगा कि आखिर इतना खर्च कैसे आया? उसके बाद ही भुगतान किया जाएगा।
अस्पताल में मशीन बंद रहने से मरीजों को जांच के लिए 50 दिनों की वेटिंग मिल रही थी। अब जल्दी जांच होगी और मरीजों को उतने दिन इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मशीन में लोहे का स्ट्रेचर टकराने से इसका हेड क्वाइल में खराब हो गया था। इसे सुधार लिया गया है।
विभाग के एचओडी डॉ. विष्णु दत्त ने बताया कि सभी डाक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। मरीज की जांच के पहले बाकायदा काउंसिलिंग की जा रही है। उनसे पूछा जा रहा है कि आपरेशन के दौरान शरीर के भीतर स्टील की प्लेट वगैरह तो नहीं लगाई गई है।

इसके अलावा उन्हें यह भी समझाया जा रहा है कि जांच के दौरान मशीन कई तरह की आवाज करती है, ऐसी दशा में वे यह न समझें कि मशीन में खराबी आ गई है। कई बार अचानक आवाजें आने से मरीज घबरा जाते हैं।

कब और कैसे हुआ था स्ट्रेचर कांड

8 सितंबर को न्यूरो सर्जरी विभाग में भर्ती रामकुमारी की एमआरआई जांच के बाद लोहे का स्ट्रेचर ले जाने के कारण गंभीर हादसा हुआ था। स्ट्रेचर जाते ही इसे उच्च चुंबकीय क्षमता वाली मशीन ने खींच लिया था। इससे महिला गंभीर रूप से घायल हुई थी। महिला का इलाज एम्स नई दिल्ली में चल रहा है।