(फोटो- अंदर ताला, बाहर इंतजार में बैठे लोग)
रायपुर। मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और गलती सुधरवाने का काम लोगों के लिए सिरदर्द बन गया है। नगर निगम ने बिना किसी ठोस व्यवस्था के 70 वार्डों में 70 मतदान केंद्र तो बना दिए, लेकिन यहां अफसर-कर्मचारियों की ड्यूटी ही नहीं लगाई। नतीजा, दो दिन बीतने के बाद भी ज्यादातर केंद्रों के ताले नहीं खुले। शनिवार को दैनिक भास्कर टीम ने शहर के एक दर्जन से ज्यादा मतदान केंद्रों के मुआयने में पाया कि सात केंद्र बंद थे। कुछ में कर्मचारी मिले लेकिन प्रचार नहीं होने के कारण लोग नाम जुड़वाने नहीं पहुंचे।यही नहीं, बिना किसी खास प्रशिक्षण के निगम कर्मचारियों को सूची में नाम जोड़ने की जिम्मेदारी दे दी गई।
जानकारी के अभाव में वे ऐसे हर मतदाता को लौटाते रहे, जिनके वार्ड बदल गए। वे कहते रहे कि पुराने वार्ड से नाम कटवाओ, तब यहां जुड़ेगा। कई जगह कर्मचारी यही कहते रहे कि 18 साल वालों का नाम ही जुड़ रहा है। आधा दर्जन केंद्रों में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन पत्र ही नहीं थे। यहां बताया गया कि फार्म सोमवार से मिलेंगे।
अंदर ताला, बाहर लोग
बीपी पुजारी स्कूल राजातालाब के केंद्र में दोपहर 12 बजे तक एक भी निगम कर्मचारी नहीं पहुंचा था। जिस कमरे में मतदाता सूची में नाम जोड़ने का काम हो रहा था, वहां ताला लगा था। ताला खुलने की आस में घंटेभर तक लोग स्कूल परिसर के भीतर खड़े रहे।
दोपहर में मिला ताला
बाल श्रमिक स्कूल केंद्र में दोपहर 1:30 बजे दैनिक भास्कर की टीम पहुंची तो वहां एक भी कर्मचारी नहीं मिला। आसपास के लोगों ने बताया कि मतदाता कर्मचारी शुक्रवार को आए, कुछ देर में चले गए। शनिवार को कोई नहीं पहुंचा। लोग दिनभर लौटते रहे।
अफसर क्रिकेट मैच में व्यस्त
नगर निगम और तहसील के सभी अफसर फिलहाल चैंपियंस लीग में व्यस्त हैं। नायब तहसीलदार, तहसीलदार और पटवारियों के साथ निगम के अफसर और कर्मचारियों को मैच की व्यवस्था में झोंक दिया गया। है। सूची में नाम जुड़वाने के लिए 22 सितंबर तक का समय दिया गया है। 23 सितंबर तक चैंपियंस लीग के मैच होने हैं। माना जा रहा है कि अंत तक कई केंद्रों के हालात ऐसे हो सकते हैं कि ताले बमुश्किल खुल सकें।
पुराने केंद्रों को भूल गए
एक वार्ड में एक ही मतदान केंद्र बनाने की वजह से कई पुराने केंद्रों में नाम जुड़वाने की व्यवस्था नहीं की गई है। मौदहापारा के लोगों के नाम पिछली बार दुर्गा कॉलेज में जोड़ गए थे। इस बार शहीद भवन में ही नाम जोड़े जा रहे।
स्कूल केंद्र में दो दिन में एक भी व्यक्ति नहीं पहुंचा।
केंद्रों में ऐसी परेशानियां
आधे से ज्यादा वार्डों के मतदान केंद्रों में एक ही कर्मचारी तैनात।
कर्मचारी को कम जानकारी, इसलिए लोग और परेशान।
लोगों से कहा जा रहा कि अभी 18 साल वालों के फार्म ले रहे हैं।
जिनके नाम विलोपित या दूसरे वार्डों में चले गए, उन्हें लौटाया।
नाम जोड़ने के लिए तहसील में उपस्थित होना जरूरी बताया।
मतदाता सूची में नाम जोड़ने की जिम्मेदारी नगर निगम की है। अफसर या कर्मचारी इसमें कोताही बरत रहे हैं तो सोमवार को अफसरों से पूछा जाएगा।
ठाकुर राम सिंह, कलेक्टर
^मतदान केंद्रों में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। मॉनिटरिंग का जिम्मा जोन कमिश्नरों का है। ऐसे कर्मचारियों को दूसरा काम भी नहीं दिया गया है।
जेआर सोनी, अपर आयुक्त, नगर निगम