PHOTOS: चलता रहा नक्सलियों के खिलाफ अभियान और थर्राता रहा छत्तीसगढ़

9 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
रायपुर। बहुमूल्य खनिज संपदा और हरे भरे वनों और सीधे सरल आदिवासियों वाला छत्तीसगढ़ राज्य पिछले साल भी नक्सली घटनाओं से थर्राता रहा।
नक्सल समस्या के कारण 44 फीसदी वनों से घिरा यह राज्य पिछले तीन दशकों से अशांत है और यहां की सरकारें इस समस्या से निपटने में असफल रही हैं। राज्य में हर साल सैकड़ों लोगों की मौत इस समस्या के कारण हो रही है।
राज्य में नक्सली साल भर उत्पात मचाते रहे और उन्होंने कई लोगों को मौत के घाट उतार दिया। हालांकि, अब केन्द्र के सहयोग से राज्य नक्सलियों के खिलाफ अच्छा-खासा अभियान चला रही है।
दूसरी ओर, सरकार की सख्ती को धत्ता बताते हुए नक्सलियों ने अब तो विस्फोट के नए-नए तरीके अपना लिए हैं, अभी कुछ दिन पहले छत्तीसगढ़ में पहली बार बैग विस्फोट हुआ जिसमें तीन लोग घायल हुए थे। इस विस्फोट के लिए नक्सलियों ने बैग के चैन से विस्फोटक जोड़ा था।
इस घटना ने जता दिया कि अब नक्सली भी तकनीकी रूप से दक्ष हो चुके हैं, इसके बाद सामने आया बिहार में एक मृत शरीर में विस्फोटक रखने का।
आज हम आपको बता रहे हैं पिछले साल छत्तीसगढ़ ने नासूर बन चुके नक्सलवाद से क्या-क्या झेला, और कहां-कहां दर्द झेला....