रायपुर. दिल्ली के प्रगति मैदान की तर्ज पर नया रायपुर में बनाए गए ट्रेड सेंटर की पोल छह महीने में ही खुलने लगी है। राज्योत्सव के लिए तूता में बनाए गए ट्रेड सेंटर की दीवार दो जगह से भरभराकर गिर गई। गिरने के बाद सीमेंट की कमी के कारण दीवार की ईंट अलग-अलग हो गए। लेकिन सीएसआईडीसी इसका कारण हवा के झोंके (भंवर) को बता रहा है।
सीएसआईडीसी ने न केवल जांच बंद कर दी, बल्कि कंस्ट्रक्शन करने वाले ठेकेदार को क्लीन चिट भी दे दी है।
1 नवंबर को राज्योत्सव और ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट के लिए नया रायपुर में ट्रेड सेंटर बनाया गया। चूंकि इस तरह के आयोजन हर साल होने हैं, इसलिए इसे नईदिल्ली के प्रगति मैदान की तरह बनाने का दावा किया गया था।
इस मैदान को पं. श्यामाप्रसाद मुखर्जी व्यावसायिक परिसर नाम दिया गया। इसके लिए 35 करोड़ रुपए खर्च किए गए। पहले साल का आयोजन तो आनन-फानन में हो गया, लेकिन अब इसकी गड़बड़ी सामने आने लगी है। राज्योत्सव को छह महीने भी नहीं बीते हैं और इसकी आधा किलोमीटर लंबी दीवार भरभराकर गिर गई है।
दीवार ढहने से करोड़ों की लागत से तैयार किए गए ट्रेड सेंटर के निर्माण की गुणवत्ता को संदेह में डाल दिया है। 100 एकड़ में फैले इस ट्रेड सेंटर की केवल बाउंड्रीवाल का टेंडर एक करोड़ 30 लाख रुपए में मोहम्मद असगर को दिया गया था। 10 फीट ऊंची इस दीवार को विशेष डिजाइन भी दिया गया था।
इसमें हवा पास करने के लिए जगह भी छोड़ी गई थी। लेकिन पिछले सप्ताह यह दो अलग-अलग जगहों से गिर गई है। जिस वक्त इसका काम चल रहा था, उस वक्त उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राजेश मूणत ने क्वालिटी के साथ काम करने की हिदायत दी थी। साथ ही काम पूरा नहीं होने पर पेमेंट में कटौती की बात कही। अभी भी वहां पेवर ब्लाक के ढेर लगे हुए हैं। सड़कों के किनारे फुटपाथ बनाया जा रहा है। अभी 50 एकड़ खेत को और समतल किया जा रहा है। वहां प्रगति मैदान की तरह बड़े निर्माण अभी और होने हैं।
सीमेंट की कमी के कारण दीवार की ईंट अलग-अलग
अब आगे क्या
इस दीवार में हवा पास करने के लिए खाली जगह भी छोड़ी गई थी, लेकिन इसके बाद भी दीवार गिर गई। हालांकि अभी ठेकेदार से इसे फिर से बनवा लिया जाएगा, लेकिन फिर से दीवार गिर गई तो? इस प्रश्न का उत्तर विभाग के पास नहीं है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि एयर पाकेट एक तरह की आपदा है, इसके लिए कुछ नहीं किया जा सकता।
हवा से गिरी दीवार : सीएसआईडीसी
सीएसआईडीसी के अधिकारियों का कहना है कि तूता में जहां ट्रेड सेंटर बना है, वहां पर हवा के भंवर (एयर पाकेट) बनते हैं। हवा की गति अधिक होने के कारण दीवार गिरे हैं। विभाग ने इस संबंध में मौसम विज्ञान विभाग से भी राय मांगी थी। उन्होंने भी एयर पाकेट की बात कही है।
जिम्मेदारों के बोल, एमडी कह रहे जांच पूरी तो मंत्री बोले जांच होगी
इस मामले की जांच पूरी कर ली गई है। इसके कंस्ट्रक्शन में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हुई है। हवा के प्रेशर से दीवार गिरी है। ठेकेदार ही इसे बनाएगा।
सुनील मिश्रा, सीएसआईडीसी एमडी
दीवार गिर गई है तो इसकी जांच करा ली जाएगी। वैसे यह सीएसआईडीसी का मामला है। वहां के अधिकारी ही जवाब देंगे।
राजेश मूणत, उद्योग मंत्री
एनआरडीए ने सीएसआईडीसी को जमीन दे दी है। इसकी जिम्मेदारी सीएसआईडीसी की ही है।
एसएस बजाज, उपाध्यक्ष, नया रायपुर विकास प्राधिकरण