नए-पुराने शहर में 16 मई के बाद खुलेंगे दो-दो हाई क्लास क्लब हाउस

8 वर्ष पहले
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रायपुर. हाउसिंग बोर्ड ने कुछ साल पहले वीआईपी रोड में विधायकों और अफसरों के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप तर्ज पर हाई क्लास क्वींस क्लब खोला। यह इसलिए खोला गया कि शहर में कोई ऐसी जगह नहीं है, जहां एक साथ कई इंडोर गेम्स और मनोरंजन के बेहतर साधनों के साथ सामुदायिक भवन जैसी संरचना हो जहां पार्टी वगैरह की जा सके।

क्वींस क्लब की कामयाबी के बाद हाउसिंग बोर्ड ने शहर के बड़े वर्ग को अच्छे क्लब की सुविधाएं देने के लिए नए क्लब खोलने की तैयारी की है। शंकरनगर में यह क्लब सेक्टर-1 में सेंट्रल स्कूल शिफ्ट होने के बाद खाली हुए परिसर में खोला जाएगा। बोरियाकला में नई बनी हाउसिंग बोर्ड की विशाल कालोनी के अलावा नया रायपुर के सेक्टर 27 और 29 में भी क्लब हाउस की जगह फाइनल हो गई। हाउसिंग बोर्ड के अफसरों ने बताया कि इनका टेंडर भी हो चुका है। आचार संहिता के फौरन बाद अर्थात 16 मई के बाद टेंडर ओपन होगा। हल्दीराम ग्रुप समेत कई बड़े होटल जाइंट्स और स्थानीय उद्योगपतियों ने टेंडर डाले हैं। कुछ समूहों ने चारों के लिए और कुछ ने एक या दो क्लब हाउस बनाने के लिए टेंडर दिया है। चारों क्लब हाउस के लिए जिनकी बोली सबसे ज्यादा आएगी, उन्हें काम दिया जाएगा।

क्लब में ये सुविधाएं

क्वींस क्लब को जब पीपीपी मोड पर दिया गया, तो उसमें सामुदायिक भवन नहीं था। इसीलिए वहां पूर्व और वर्तमान विधायकों को फ्री मेंबरशिप दी गई। उनके अलावा, क्लब संचालक को शुल्क वसूलकर लगभग 500 अजीवन सदस्य बनाने की छूट भी दी गई। आजीवन मेंबरशिप से जो फंड इकट्ठा हुआ, उससे क्लब हाउस भवन तथा स्पोट्र्स ग्राउंड तैयार किया गया। उस क्लब में स्क्वाश कोर्ट, टेबल टेनिस रूम, बैडमिंटन कोर्ट, स्वीमिंग पुल, लान टेनिस कोर्ट, मल्टी फंक्शनल जिम, 16 सेंट्रलाइज्ड एसी रूम, बार, रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हाल हैं। जो नए क्लब बनाए जाएंगे, यह सारी सुविधाएं रहेंगी।

दो एकड़ से ज्यादा में : क्वींस क्लब लगभग एक एकड़ से कुछ अधिक जगह पर बना है। नए बनने वाले क्लब हाउस की जगह अधिक होगी। बोरियाकला, सेक्टर 27 और 29 में लगभग दो एकड़ से अधिक की जगह पर क्लब हाउस होगा। शंकर नगर पुरानी तथा घनी बसाहट है। वहां सेंट्रल स्कूल के खाली परिसर में यह क्लब खोला जाना है। इसका काम जल्दी शुरू होगा।

आम लोग भी बन सकेंगे मेंबर : दो हाई क्लास क्वींस क्लब में मेंबर होने के लिए यह जरूरी नहीं कि वह मंत्री, सांसद या विधायक हो, आम आदमी यानि कारोबारी, सर्विस क्लास और इच्छुक लोग भी इस क्लब की मेंबरशिप हासिल कर सकते हैं। हालांकि अभी यह तय नहीं हो सका है, लेकिन इसकी रूपरेखा बनाई जा रही है। हाउसिंग बोर्ड क्लब की शुरुआत के बाद बैठक कर मेंबरशिप की प्रक्रिया जारी करेगा।

यह नया कांसेप्ट

क्लब हाउस दरअसल सामुदायिक भवन की तर्ज पर राजधानी के लिए नया कांसेप्ट है। जहां ये क्लब हाउस रहेंगे, उस कालोनी तथा आसपास के रेसिडेंट्स एसोसिएशनों को सोशल एक्टिविटीज के लिए इन्हें फ्री आफ कास्ट दिया जाएगा। रिपब्लिक डे, इंडिपेंडेंस डे, गांधी जयंती सहित अन्य बड़े नेशनल हाली डे के दिन भी क्लब हाउस फ्री ऑफ कॉस्ट रहेंगे। इन दिनों में रेसिडेंशियल एसोसिएशन के लोगों को भी मुफ्त में स्पोटर््स इवेंट करने दिए जाएंगे।

डेढ़ साल में तैयार हो जाएंगे सभी क्लब

शहर में इस अवधारणा को तोडऩा है कि क्लब केवल एलीट क्लास के लिए ही है। सामान्य मिडिल क्लास भी इन क्लबों के जरिए हाई क्लास फेसिलिटी इंटरटेन कर सकता है। इसीलिए शहर में क्लब हाउस लाए जा रहे हैं। आचार संहिता खत्म होने के बाद टेंडर ओपन करके वर्क आर्डर जारी कर दिया जाएगा। डेढ़ साल के भीतर सभी क्लब हाउस तैयार हो जाएंगे। सोनमणी बोरा, कमिश्नर, हाउसिंग बोर्ड