रायपुर। कैंसर का भय दिखाकर महिलाओं के गर्भाशय निकालने वाले 9 डाक्टर एक साल मरीजों का इलाज नहीं कर सकेंगे। हाई पावर कमेटी की जांच में भी सामने आ गया कि डाक्टरों ने कम उम्र की महिलाओं के गर्भाशय केवल पैसों के लिए निकाले थे।
आपरेशन के पहले निर्धारित मापदंडों का पालन भी नहीं किया गया। उन सभी के खिलाफ एक साल प्रैक्टिस पर बैन लगने के संकेत हैं। छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल शनिवार को इस संबंध में आदेश जारी करेगी। इन्हीं 9 डाक्टरों में शामिल राजिम के डा. पंकज जायसवाल और अभनपुर के डा. प्रज्जवल
सोनी के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की तैयारी है। शुक्रवार को पुराने स्वास्थ्य संचालनालय में हाई पावर कमेटी के सामने गर्भाशय कांड में फंसे डाक्टर हाजिर हुए। कमेटी में शामिल स्वास्थ्य संचालक आर. प्रसन्ना ने डाक्टरों को दोबारा अपनी बात रखने का मौका दिया।
करीब तीन घंटे तक मंथन के बाद कमेटी के सदस्यों ने अपनी-अपनी राय दी। कमेटी में शामिल डा. कमलेश्वर अग्रवाल और डा. एसएस आदिले मौजूद नहीं थे। इस वजह से फैसला नहीं सुनाया गया। स्वास्थ्य संचालक प्रसन्ना ने मीडिया से चर्चा करते हुए संकेत दिए कि शनिवार को फैसला सुना दिया जाएगा। हालांकि कमेटी के सदस्यों और खुद संचालक में इशारों में यह बता दिया है कि गर्भाशय कांड में फंसे डाक्टरों को पूर्व में एक साल प्रैक्टिस न करने की सजा दी गई थी।
कमेटी ने उस सजा को बरकरार रखा है। इसके अलावा दो डाक्टरों के खिलाफ अलग से कार्रवाई की जाएगी। उनके खिलाफ और भी प्रमाण मिले हैं। हाई पावर कमेटी में संचालक प्रसन्ना के अलावा डा. राजेश हिशीकर, डा. आर साहनी, मेडिकल कॉलेज के डीन डा. एके चंद्राकर, अंबेडकर अस्पताल के अधीक्षक डा. विवेक चौधरी, ईएनटी विशेषज्ञ डा. राकेश गुप्ता, अलका गुप्ता और डा. सुरेंद्र शुक्ला शामिल हैं।
क्या था गर्भाशय कांड और क्यों की थी सर्जरी
2012 में छत्तीसगढ़ के कुछ प्राइवेट अस्पतालों में 20-25 हजार के लिए महिलाओं के गर्भाशय निकालने का खेल चल रहा था। पेट और हाथ पांव में दर्द की शिकायत लेकर जाने वाली महिलाओं को कैंसर होने का भय दिखाकर उनके गर्भाशय निकाले जा रहे थे। भास्कर ने खुलासा किया। उसके बाद पूरे स्वास्थ्य महकमें में खलबली मची। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद कमेटी ने जांच की। इस दौरान यह खुलासा हुआ कि महिलाओं के गर्भाशय केवल पैसों के लिए अकारण निकाले गए हैं। उसके बाद डाक्टरों पर एक साल की प्रैक्टिस का बैन लगाया गया।