दंतेवाड़ा. रायपुर. शारदीय नवरात्रि से पहले माई दंतेश्वरी की दानपेटियां खोली गईं तो चढ़ावे के साथ कई चिट्ठियां भी मिलीं। भक्तों में से कुछ ने मनचाहे जीवनसाथी की कामना की है तो किसी ने माई से रोजगार दिलाने का अनुरोध किया है। दानपेटी से ऐसी चिट्ठियां हर बार निकलती हैं। इस बार भी दानपेटियों में तरह-तरह की कामना लिए चिटि्ठयां मिलीं।
किसी ने मनपसंद साथी से शादी की कामना की तो किसी ने रोजगार मांगा। कुछ ने पारिवारिक कलह से निजात दिलाने की कामना की। कुछ ने बीमारी से छुटकारा पाने की कामना लिए पत्र लिखा था। सभी पत्रों को सुरक्षित रखा गया है। समयाभाव के चलते चढ़ावे में आए जेवरात की गणना नहीं की जा सकी। अगली बार पेटी खुलने पर एक साथ गणना करने का निर्णय कमेटी ने लिया है।
चढ़ावा सात लाख
दानपेटियों से चढ़ावे के 7,22,570 रूपए मिले। इसके पहले 6 मई 2014 को दानपेटियां खोली गई थीं, जिसमें कुल 8,47,860 रूपए नगद मिले थे। इस बार भी नगदी की गणना के लिए बैंक से टेलर मशीन भी मंगाई गई थी। डिप्टी कलेक्टर व प्रभारी तहसीलदार प्रकाश सिंह राजपूत की मौजूदगी में पेटियों के सील खोले गए।
कैसी कैसी चिट्ठियां
- एक श्रद्धालु ने देवी को अंगूठी, कंगन, पायल जैसे कुछ गहने समर्पित किए हैं और साथ ही एक पत्र लिखा है कि पत्नी गठिया वात से पीड़ित है। उसके जोड़ों में दर्द रहता है। देवी से अनुरोध किया गया है कि वे यह दर्द ठीक कर दें।
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विवाहित युवती ने देवी को पत्र लिख कर अनुरोध किया है कि अगली नवरात्रि तक उपयुक्त वर से उसका विवाह करवा दें। उसने लिखा है कि उसकी कामना पूरी हो गई तो वह प्रसाद चढ़ाएगी।
- एक युवक ने पारिवारिक कलह के समाधान के लिए देवी की शरण ली है। उसने लिखा है कि मेरे माता पिता मुझसे स्नेह नहीं करते। उनका हृदय परिवर्तन कर दीजिए।