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डाउनलोड करेंरायपुर। गुरुवार को प्री इंजिनियरिंग टेस्ट (पीईटी) और प्री फार्मेसी टेस्ट (प्रीपीएचटी) का आयोजन किया गया। दोनों परीक्षाओं में प्रदेश के लगभग 39 हजार छात्र शामिल हुए। पहला एग्जाम पीईटी का रहा। इस पेपर में केमिस्ट्री ने छात्रों को परेशान किया। वहीं, दूसरे एग्जाम यानी प्रीपीएचटी में मैथ्स और बायोलॉजी, दोनों ही ईजी रहे।
प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए व्यापमं की ओर से आयोजित पीईटी के लिए राज्य में 81 और शहर में 14 एग्जाम सेंटर्स बनाए गए। रजिस्टर्ड 32 हजार 799 में से 31 हजार 666 छात्र परीक्षा में शामिल हुए। वहीं, शहर में 5 हजार 710 में से 5 हजार 533 छात्रों ने परीक्षा दी। परीक्षा सुबह 9 से 12.15 के बीच हुई।दोपहर 2 से 5.15 बजे तक आयोजित प्रीपीएचटी के लिए राज्य में 31 और शहर में 1 परीक्षा केन्द्र बनाया गया। राज्य भर में रजिस्टर्ड 7 हजार 641 छात्रों में से 7 हजार 57 छात्र परीक्षा में शामिल हुए। इसके जरिये फार्मेसी के पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जाएगा।
11वीं-12वीं पर आधारित रहा फिजिक्स
राज्य के सरकारी और निजी इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश के लिए हुई पीईटी परीक्षा के मीडियम लेवल के प्रश्नों ने छात्रों को बड़ी राहत दी। तीन घंटे के इस पेपर में 50 प्रश्न पूछे गए थे, प्रत्येक प्रश्न 3 अंकों का रहा। माइनस मार्किंग नहीं होने के कारण छात्रों ने बेझिझक हर प्रश्न हल किया। पेपर में 11वीं और 12वीं के सिलेबस से मिले-जुले सवाल पूछे गए।
सब्जेक्ट एक्सपर्ट धनंजय जोशी के अनुसार मैथ्स और फिजिक्स के स्ट्रेट फॉर्मूले से संबंधित प्रश्नों की संख्या ज्यादा रही। पिछले साल की तुलना में इस साल का पर्चा आसान रहा। फिजिक्स में इलेक्ट्रिसिटी चैप्टर से ज्यादा प्रश्न पूछे गए। सब्जेक्ट एक्सपर्ट दीपक सिन्हा के अनुसार केमिस्ट्री में आर्गेनिक और मैकेनिज्म के डीप सवालों ने जेईई के पेपर की याद दिलाई। पेपर का यह भाग टफ रहा। फिजिकल, आर्गेनिक और इनआर्गेनिक से बैलेंस सवाल आए। एक्सपर्ट पंकजराम के अनुसार फिजिक्स का सेक्शन पूरी तरह १२वीं के सिलेबस पर आधारित रहा।
मैथ्स के बेसिक फॉर्मूले से बनी बात
प्रीपीएचटी में मैथ्स और बायोलॉजी के अलग-अलग पेपर हुए। इसमें बायोलॉजी ईजी रहा। मैथ्स में बेसिक फॉर्मूलों पर आधारित इक्वेशन सॉल्व करने में छात्रों को कोई परेशानी नहीं आई। फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और मैथ्स विषय से मीडियम लेवल के प्रश्न पूछे गए। सब्जेक्ट एक्सपट्र्स के अनुसार इकोलॉजी और प्लांट डायवर्सिटी के प्रश्नों की संख्या ज्यादा रही। इसमें पिछले सालों में पूछे गए प्रश्न भी घुमा फिराकर पूछे गए। जिन छात्रों ने पुराने क्वेश्चन पेपर सॉल्व किए थे, उन्होंने आराम से पर्चा हल किया।
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