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डाउनलोड करेंरायपुर. लोकसभा चुनाव के अपने अभियान के दौरान कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को रायपुर में बड़ा ऐलान किया। उन्होंने दो टूक कहा-लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस में गहरा बदलाव होगा। इस बदलाव में नेताओं की नहीं, बल्कि आम कार्यकर्ताओं की बात सुनी जाएगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा-ये बात आप लिख लो और अपनी जेब में डाल लो। कांग्रेस पार्टी में अब बदलाव आने वाला है। आप जाइए और लडि़ए। छत्तीसगढ़ की 11 की 11 सीट जीतकर दिखाइए।
रायपुर के बलबीर जुनेजा इंडोर स्टेडियम में राहुल ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में हम विपक्ष को एक भी सीट नहीं जीतने देंगे। हम शत प्रतिशत चुनाव जीतेंगे। एक इंच भी विपक्ष को नहीं जीतने देंगे। उन्होंने कहा कि गरीब और मिडिल क्लास पर पार्टी का फोकस होगा और मनरेगा, फूड सेफ्टी, आधार व आरटीआई
चुनाव में जीत के औजार होंगे जिन्हें लेकर कार्यकर्ताओं को गांव गांव जाना होगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष या मंत्री नहीं, कांग्रेस में अब जो कुछ भी हैं वो कार्यकर्ता ही हैं। राहुल ने अपने दस मिनट के भाषण में कार्यकर्ताओं में एक नया जोश भरने की कोशिश की। इस दौरान उन्होंने पार्टी के पदाधिकारियों और वरिष्ठ नेताओं से बंद कमरे में राज्य और पार्टी के राजनीतिक हालात पर चर्चा भी की।
70 करोड़ मिडिल क्लास के लिए काम करना है
राहुल गांधी के भाषण में आम आदमी की अहमियत झलकी। उन्होंने स्पष्ट किया कि 2014 में उनका सारा फोकस ऐसे लोगों पर होगा जो गरीबी रेखा से ऊपर हैं, लेकिन मिडिल क्लास से नीचे हैं। गरीबों की मदद के लिए सारे काम किए जाएंगे, लेकिन मिडिल क्लास फैमिली और ऊपर आए इसलिए इनके लिए खास योजनाएं लाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि भारत में ऐसे लोगों की संख्या 70 करोड़ से भी ज्यादा है। इनमें बढ़ई, मिस्त्री, ड्राइवर जैसे लोग शामिल हैं जो अपने पसीने से देश को आगे बढ़ा रहे हैं। अब इन लोगों को मजबूत किया जाएगा।
मिटाने वाले खुद मिट जाएंगे
राहुल ने भाजपा पर करारा वार करते हुए कहा कि वे कांग्रेस को खत्म करने की बात कर रहे हैं लेकिन कांग्रेस ऐसी विचारधारा है जो हजार साल बीत जाने के बाद भी खत्म नहीं हुई। हम सबको साथ लेकर चलने की बात करते हैं इसलिए हम लोगों के दिलों में हैं। हमको जो मिटाने की कोशिश करेगा वो खुद ही मिट जाएगा।
बुलेट प्रूफ गाड़ी में नहीं बैठे राहुल
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली से आई बुलेट प्रूफ गाड़ी की जगह एक सामान्य कार का इस्तेमाल किया और इंडोर स्टेडियम तक पहुंचे। खुली खिड़की से वे रास्ते भर लोगों का अभिवादन करते रहे। लोगों ने भी गर्मजोशी से हाथ हिलाकर अपना उत्साह प्रकट किया।
एयरपोर्ट से लौटते समय भी यही आलम था। कार की खुली खिड़की से राहुल लोगों को हाथ हिलाते रहे। प्रदेश के आला नेताओं ने उनकी अगवानी की। 5 मिनट बाद वे एयरपोर्ट से बाहर निकले। एसपीजी का दस्ता उन्हें घेरकर चल रहा था। अचानक काफिला रुका। एक साथ कई गाडिय़ों के दरवाजे खुले। राहुल बाहर निकले तो गाडिय़ों से निकले एसपीजी के जवानों ने उन्हें घेर लिया। वे करीब दस कदम पैदल चलकर एक स्लेटी रंग की इनोवा में सवार हुए। इसी गाड़ी में फिर भूपेश बघेल, टीएस सिंहदेव व बीके हरिप्रसाद भी सवार हो गए।
गाड़ी चल पड़ी, लेकिन राहुल ने कांच बंद नहीं किए।
गाड़ी में कांच काले नहीं सफेद रंग के थे। राहुल चलते वक्त अपने मोबाइल में कुछ पढ़ रहे थे। उनके लिए दो काफिलों का इंतजाम एसपीजी ने किया था। कारों के पहले काफिले से उन्हें हवाईपट्टी से एयरपोर्ट के गेट तक आना था। गेट से इंडोर स्टेडियम तक दूसरे काफिले का इंतजाम था।
कांग्रेस की सभा में कुर्सी की लड़ाई
कार्यकर्ता सम्मेलन में बैठने को लेकर अव्यवस्था दिखाई दी। कई विधायक और पदाधिकारियों को कुर्सी नहीं मिली। नए विधायकों को कार्यकर्ता पहचान नहीं पाए और बैठने के लिए जगह भी नहीं दी। कोंटा के विधायक कवासी लखमा मीडिया गैलरी से कुर्सी उठाकर ले गए। ग्रामीण विधायक सत्यनारायण शर्मा, पूर्व नेता प्रतिपक्ष रविंद्र चौबे, विधायक धनेंद्र साहू, अमित जोगी समेत कई नेता कम कुर्सियों में एडजेस्ट करते दिखाई दिए। कोटा विधायक डॉ. रेणु जोगी को काफी देर तक घूमने के बाद कुर्सी मिली। पूर्व विधायक राजकमल सिंघानिया और धमतरी के विधायक गुरमुख सिंह होरा शुरू से ही कुर्सी पर जमे रहे। रामानुजगंज के विधायक बृहस्पत सिंह, अनिला भेडिय़ा, खेलसाय सिंह, चिंतामणि महाराज, पूर्व विधायक लेखराम साहू सहित कई नेता कार्यकर्ताओं के बीच ऊपर गैलरी में जाकर बैठ गए। महापौर किरणमयी नायक भी देर तक कुर्सी के लिए खड़ी रहीं। उन्हें एक पार्षद ने कुर्सी दी।
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