पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Rai 9 Years Child Death Due To Haiza Infection

राजधानी में हैजे की दस्तक से दहशत, उल्टी-दस्त से पीड़ित बच्ची की मौत

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
(फोटो- बच्ची की मौत के बाद उसकी मां को सांत्वना देने पहुंची महिलाएं)
रायपुर। अवंति बाई चौक के पास के बगनिया पारा इलाके में 9 साल की बच्ची प्रियंका यादव की उल्टी दस्त व पेचिश से मौत हो गई। प्रियंका का भाई ऋषभ, वहीं की रानी चौहान और ललिता साहू को गंभीर हालत में निजी अस्पतालों में भर्ती किया गया है।

पूरे इलाके में हैजा फैलने की जबर्दस्त अफवाह है। हालांकि प्रियंका का इलाज करने वाले डाक्टर का कहना है कि उल्टी-दस्त और पेचिश के कारण बच्ची के शरीर में पानी की कमी हो गई थी जो मृत्यु की वजह बनी। इनके अलावा बस्ती में और लोग भी बीमार हैं। मौके पर पहुंची भास्कर टीम को लोगों ने बताया कि नल के पानी में सेप्टिक टैंक के पानी की बदबू पिछले कई दिन से आ रही है।
मृत बच्ची प्रियंका के पिता राजेंद्र यादव ने बताया कि वे शुक्रवार सुबह बच्ची को लेकर निजी अस्पताल पहुंचे थे। डाक्टरों ने बताया कि शरीर में पानी कम हो गया। शनिवार की शाम प्रियंका की सांसे थम गई। उसका छोटा भाई पांच साल का ऋषभ भी लगातार उल्टी-दस्त के बाद अस्पताल में भर्ती है। बस्ती के ही राजेंद्र कुमार खेडूलकर ने बताया कि हर घर में कोई न कोई उल्टी-दस्त, पेचिश का शिकार है। प्रदीप चौहान की पत्नी रानी भी निजी अस्पताल में भर्ती हैं। भीखम साहू की पत्नी ललिता को कल लगातार उल्टी-दस्त के बाद निजी अस्पताल में भर्ती किया गया है। पूरे इलाके में हैजे की अफवाह फैली हुई है। इसके बावजूद नगर निगम या स्वास्थ्य विभाग की टीमें वहां अब तक नहीं पहुंची हैं।
हैजा नहीं था बच्ची को : प्रियंका यादव का इलाज करनेवाले डा. पीके वाढ़ेर ने बताया कि बच्ची अस्पताल में आई, तब उसकी हालत काफी नाजुक थी। शरीर से पानी खत्म हो गया था। उसे हाइड्रेट करने की कोशिश की गई, मगर कामयाबी नहीं मिली। लेकिन ये कह सकता हूं कि हैजा नहीं हुआ था क्योंकि इलाज शुरू होने के बाद दस्त बंद हो गए थे।
सेप्टिक टैंक का पानी
मोहन जंघेल, अमृता वर्मा और कुमारी साहू ने बताया कि सेप्टिक की लाइन पीने के पानी की लाइन से जुड़ गई है। इसीलिए लोग उल्टी-दस्त व पेचिश से पीड़ित हो रहे हैं। भास्कर टीम ने पाया कि पूरी बस्ती की नालियां बजबजा रही हैं। लोगों ने बताया कि एक माह से नालियां साफ नहीं हुईं। गंदा पानी आने की लगातर शिकायत निगम से की गई थी।
शहर संक्रामक बीमारियों की चपेट में है। मुझे शक है कि बगनिया पारा की प्रियंका की मौत हैजे से हुई है। इलाके की हाईजीनिक कंडीशन बहुत खराब है। वहां उल्टी-दस्त के साथ पीलिया और डेंगू भी खतरनाक ढंग से फैल सकते हैं।
श्रीचंद सुंदरानी, विधायक, रायपुर उत्तर

नगर निगम की टीम बगनिया पारा गई थी। मितानिनों की मदद ली जा रही है। लोगों से कहा गया है कि पानी को उबाल कर पीएं। पतली दस्त,उल्टी की शिकायत है। इसे हैजा नहीं कहा जा सकता, पर कालरा हो सकता है।
डा. अमृत चोपड़ा, हेल्थ अफसर नगर निगम

स्वास्थ्य विभाग का अमला लग गया है। शहर भर में एक हजार मितानिन घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य का परीक्षण कर रही हैं। हैजा होने की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
के आर सोनवानी, सीएमओ रायपुर