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भुलाए नहीं भूलता वो भयानक मंजर, 20 घंटे तक चला भूख-प्यास से संघर्ष

7 वर्ष पहले
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(फोटो- अशोक देशमुख)
रायपुर| भयंकर बाढ़ ने तबाही मचा दी थी। 20 घंटे भूखे प्यासे एक ही जगह पर बैठे रहे। जन्नत का मंजर ऐसा था कि किसी का भी दिल दहल जाए। झेलम नदी के किनारे जिस होटल में रूके थे, वहां से बचकर निकलना नामुमकिन नजर आ रहा था। होटल के ग्राउंड फ्लोर पर पानी भरने के बाद ऐसा लगने लगा था कि थोड़ी देर में होटल की बिल्डिंग धसक जाएगी। वहां ठहरे 20 परिवार हर पल ईश्वर को याद कर रहे थे। उसी समय सेना के जवान देवदूत बनकर आए। श्रीनगर में भयंकर बाढ़ का प्रकोप झेलकर लौटे तिरगा दुर्ग के अशोक देशमुख च्युतक कारगिल में हाइड्रो पॉवर प्लांट में जूनियर इंजीनियर हैं। उनके लौटने से परिजनों, रिश्तेदारों व मित्रों का खुशी का ठिकाना नहीं है। छह दिनों तक कोई संपर्क नहीं होने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।