रायपुर। मोतियों की माला बनाकर लोगों को घर बैठे रोजगार का ऑफर देकर ठगी करने का नया और अजीबोगरीब खेल उजागर हुआ है।एक माह पहले कुछ लोगों ने अपने आप को दिल्ली की कंपनी का प्रतिनिधि बताकर पचपेढ़ीनाका के पॉश इलाके में दफ्तर खोला। एक माह पहले माला बनाकर देने का विज्ञापन निकाला। विज्ञापन पढ़कर आने वाले लोगों को मोतियां दीं, लेकिन सभी से 15-15 सौ रुपए सुरक्षा निधि के रूप में जमा करवाए। कुछ दिनों बाद लोगों से मोतियों की माला कलेक्ट की कुछ को पैसे दिए और उसके बाद अचानक दफ्तर में ताला लगा दिया।
तीन दिन तक चक्कर काटने के बाद लोगों को शक हुआ। उन्होंने कंपनी के जिम्मेदारों के
मोबाइल पर कॉल किया। मोबाइल बंद मिला। अभी भी उनका मोबाइल लगातार स्विच ऑफ बता रहा है। लोगों ने शनिवार और रविवार को देर शाम कंपनी दफ्तर के सामने हंगामा किया, लेकिन कोई नहीं आया तो लौट आए। पीड़ितों ने थाने लिखित शिकायत की है। सिक्योरिटी मनी जमा करवाने वालों को शक है कि फर्जी कंपनी खोलकर उनके पैसे ठग लिए गए हैं।
शहर में इस तरह से ठगी का यह पहला मामला है। अब तक आनलाइन बिजनेस और चैनल के माध्यम से पैसे डबल करने का झांसा देकर ठगी के मामले सामने आए हैं। इस कंपनी ने लोगों को घर बैठे रोजगार मोतियों की माला बनाने के नाम पर रोजगार का आफर दिया। इसके लिए कंपनी ने बकायदा पचपेढ़ी नाका में दफ्तर खोला। विज्ञापन जारी कर लोगों को बुलाया गया।
लोगों को मोतियों की माला के हिसाब से पेमेंट करने का लालच दिया। ऑफर में यह तय था कि जितनी माला बनाई जाएगी, उतना पेमेंट होगा। फायदा देखकर भीड़ बढ़ गई। कंपनी ने ग्राहक बनाने के लिए एजेंट भी नियुक्त किए। इसका नेटवर्क भी बिलकुल चेन चेन सिस्टम की तरह था। पैसे जमा करने वालों का रजिस्ट्रेशन कर उन्हें माला बनाने के लिए मटेरियल भी दिया जाने लगा। उसके बाद जब से भुगतान का समय आया है, कंपनी कार्यालय में ताला लग गया है। शनिवार और रविवार को लोगों ने वहां जाकर हंगामा भी किया, लेकिन कोई फायदा नहीं। पीड़ित ओपी पांडे ने बताया कि कुछ लोगों ने ज्यादा मेहनत कर ज्यादा कमाई के लिए दो से तीन रजिस्ट्रेशन करा लिया।
रातों रात सामान ट्रक में लादा और लगा दिया ताला
एक किलो मोती में 25 माला तैयार करने का ऑफर था। पहले तो कंपनी के कर्मचारी घर में ही आकर मोती देने लगे और माला के एवज में कुछ लोगों को पैसे भी दिए गए। लोगों ने मुनाफा देखते हुए अलग-अलग नामों से दो-तीन रजिस्ट्रेशन करा लिया। दफ्तर में ताला लगने के दो-तीन दिन पहले से कंपनी के कर्मचारियों का रवैया बदलने लगा था। वे लोगों से ठीक से बात नहीं कर रहे थे। स्टाक नहीं होने का हवाला देकर मोती देना बंद कर दिया। लोगों को एक-दो दिन में स्टॉक आने पर मोती देने का आश्वासन देकर लौटाया उसके बाद अचानक कंपनी के दफ्तर में ताला लगा दिया गया। लोग जब उसके दफ्तर पहुंचे तो आसपास रहने वालों ने बताया कि रात को दफ्तर का पूरा सामान ट्रक में भरकर कार्यालय ही खाली कर दिया गया है।
मोबाइल बंद, वेबसाइट पर बड़ा एक्सपोर्टर
कंपनी के कर्मचारियों ने लोगों को रजिस्ट्रेशन के बाद जॉब कार्ड दिया। इसमें वे लेन-देने की सारी इंट्री करते थे। इस कार्ड में कंपनी के दो नंबर 09582280684, 09718355916 दिए गए हैं। इस नंबर के जरिए कंपनी के कर्मचारी लोगों से कांटेक्ट में रहते थे। दफ्तर में ताला लगने के बाद से दोनों नंबर बंद है। कुछ समय के लिए नंबर चालू भी होते हैं, लेकिन कोई रिसीव नहीं कर रहा है। कंपनी का मुख्यालय दिल्ली बताया गया है।