रायपुर। चिकित्सा शिक्षा विभाग का सर्वर बंद करके मेडिकल सीटों का आवंटन रद्द करने या बदलने की कोशिश को भले ही शासन ने नाकाम कर दिया, लेकिन इसके पीछे जो भी खेल हुआ, उसकी चर्चाएं थम नहीं रही हैं। गुरुवार को मेडिकल काउंसिलिंग अफसरों ने तीन माह से चल रही काउंसिलिंग में दी गई सीटों में भारी रद्दोबदल करते हुए 85 सीटों का आवंटन या तो रद्द कर दिया था, इसमें बदलाव कर दिए थे। इनमें मेडिकल कालेजों की 73 सीटें थीं। इन सीटों में से रद्द की गई 59 सीटें केवल दुर्ग के चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कालेज (प्राइवेट) की ही थीं। निजी कालेज की इतनी सीटें रद्द करने के कारणों पर अब स्वास्थ्य विभाग ने भी फोकस कर लिया है।
माना जा रहा है कि विभाग के ही कुछ अफसरों ने इस कालेज को सीधा फायदा पहुंचाने के लिए यह खेल खेला होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि बुधवार को ही यह फाइनल किया जाने वाला था कि स्टेट कोटे की जितनी भी सीटें खाली रहेंगी, संबंधित कालेजों के मैनेजमेंट कोटे में शिफ्ट कर दी जाएंगी। इस तरह, दुर्ग के इस निजी कालेज को सभी 59 सीटें (या आठ-दस कम) मैनेजमेंट कोटे में बेचने के लिए देने की पूरी तैयारी थी, लेकिन भास्कर ने गोलमाल का भंडाफोड़ कर दिया। इससे हुए हंगामे के बाद हड़बड़ाए राज्य शासन ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के कुछ अफसरों की मंशा पर ही पानी फेर दिया।
सर्वर का लिंक फेल कर दुर्ग स्थित चंदूलाल चंद्राकर निजी मेडिकल कॉलेज की 59 समेत 85 सीटों का अलाटमेंट रद्द करने व सीटें बदलने को लेकर चिकित्सा शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली संदेह के घेर में आ गई है। दरअसल विभाग के अधिकारियों पर पिछले साल से ही निजी मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को फायदा पहुंचाने का आरोप लगता रहा है।
इस साल भी काउंसिलिंग के शुरू में ही मामला उठा था कि इस कालेज को मान्यता नहीं मिली है, उससे पहले ही 40 सीटें आवंटित कर दी गईं। जबकि नियम ये है कि किसी कालेज को सीटों का आवंटन तभी हो सकता है, जब उसे मान्यता मिल जाए।चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने 11 सितंबर की शाम अचानक मेडिकल की 73 व डेंटल की 12 सीटों को बदल दिया था। इसमें चंदूलाल चंद्राकर निजी मेडिकल कॉलेज में 59 स्टूडेंट का अलाटमेंट रद्द कर दिया था। पिछले साल भी काफी विवाद के बाद 32 सरकारी सीटों को मैनेजमेंट कोटे में कन्वर्ट कर दिया गया था। छात्र हाईकोर्ट भी गए थे, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली थी। जाहिर है, यह सीटें उन लोगों को ही दी जाएंगी, जो ज्यादा से ज्यादा पैसे दे सकेंगे।