रायपुर. अब आपको अपने पार्सल के लिए रेलवे के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इस समस्या से आपको निजात दिलाने के लिए रेलवे ने पार्सल की व्यवस्था बदलने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। इसके तहत रेलवे आपके घर तक पार्सल पहुंचाएगा। इतना ही नहीं, पार्सल को ट्रेनों में चढ़ाने और उतारने से लेकर उसकी सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी एजेंसी को दी जाएगी। मतलब इसके लिए भी आपको परेशान नहीं होना पड़ेगा। नई व्यवस्था पार्सल मिलेनियम के नाम से जानी जाती है।
नई व्यवस्था के तहत पार्सल में सामान बुक करने के बाद दिए गए पते पर माल को सुरक्षित पहुंचाने की जिम्मेदारी एजेंसी की होगी। माल क्षतिग्रस्त होने या गुम होने पर एजेंसी को इसका भुगतान भी करना होगा। पार्सल का शुल्क रेलवे एजेंसी से वसूल करेगा। इसके बाद एजेंसी की पूरी जिम्मेदारी होगी की वह माल को बुक कर उसे तय समय में सुरक्षित पहुंचाए। नए सिस्टम को प्रयोग के तौर पर इसी साल 27 जनवरी से रायपुर-अहमदाबाद रूट पर लागू किया गया है। इसकी सफलता को देखते हुए रेलवे प्रशासन सभी रूट पर इसे लागू करने जा रहा है। इससे जहां रेलवे की आय बढ़ेगी, वहीं रेलवे से पार्सल भेजने वालों को राहत भी मिलेगी।
23 टन की क्षमता वाला वैगन
पार्सल का जिम्मा उठाने वाली एजेंसी को रेलवे 23 टन का एक वैगन देगा। इसमें पार्सल चढ़ाने और तय स्टेशन पर उतारने का काम एजेंसी करेगी। रायपुर से किसी भी स्टेशन का पूरा शुल्क रेलवे वसूल करेगा, चाहे वैगन में 23 टन से कम ही माल बुक क्यों न हो। रेलवे के मुताबिक ट्रेनों में पार्सल चढ़ाने और उतारने में कुलियों द्वारा मनमानी पैसे लेने व कभी-कभी मना करने करने की शिकायतों से तंग आकर यह सिस्टम लागू करना पड़ रहा है।
पार्सल मिलेनियम सिस्टम से अभी रायपुर से अहमदाबाद तक एक तरफ का 23 टन का शुल्क 61,936 रुपए है। इसी तरह अन्य रूट पर भी पार्सल शुल्क तय किया जाएगा। रायपुर रेलवे स्टेशन के मुख्य पार्सल निरीक्षक एवी नारायणा ने बताया कि पार्सल व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए नए सिस्टम को लागू करने की तैयारी चल रही है। इससे ग्राहकों को बेहतर सेवा मिलने की गारंटी होगी।
मिलेगा यह फायदा
- नई व्यवस्था से डोर-टू-डोर पार्सल पहुंचाने का काम रेलवे कर सकेगा। अभी पार्सल कार्यालय में बिल्टी दिखाने के बाद मिलता है सामान।
-10 मिनट के स्टॉपेज वाली ट्रेन में आसानी से माल को तय स्टेशन पर उतारा जा सकता है। अभी परेशानी होती है।
- अब तय समय में पार्सल पहुंचने की गारंटी होगी। अभी ट्रेनों के 10 मिनट के स्टॉपेज में कई बार माल उतर ही नहीं पाता।
- वैगन में पार्सल चढ़ाने और उतारने का काम एजेंसी करेगी। अभी कुली ही पार्सल चढ़ाते व उतारते हैं।
- पार्सल गुम या क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में एजेंसी को भरना होगा हर्जाना।