रायपुर. इंडिगो की रायपुर-कोलकाता फ्लाइट रविवार को शाम साढ़े सात बजे क्रैश होने से बच गई। कोलकाता पहुंचने के बाद एयरपोर्ट पर लैंडिंग के पहले फ्लाइट एयर पॉकेट (चक्रवात)में फंसकर हिचकोले खाने लगा। चार बार लैंड कराने की नाकाम कोशिश के बाद इसकी भुवनेश्वर में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।
विमान में कुल 180 यात्री सवार थे जिसमें करीब ९क् रायपुर से बैठे थे। व्यास ट्रेवल्स के संचालक कीर्ति व्यास ने बताया कि अन्य यात्रियों के साथ विमान में आईएएस मनोहर पांडे के बेटे सौरभ पांडे व उनकी बहू स्वप्निल पांडे यात्रा कर रहे थे। इनके अलावा भिलाई के जीबी राव, श्रीनिवास खुज्जी और मोहम्मद फिरोज भी मौजूद थे।
इसी फ्लाइट से कोलकाता जा रहे एक यात्री ने दैनिक भास्कर को नाम न छापने की शर्त पर मोबाइल पर बताया कि-
रायपुर से फ्लाइट ने शाम 4.50 बजे उड़ान भरी। उस समय सबकुछ ठीक था। रात लगभग 7:30 बजे विमान में हमें मौसम खराब होने की सूचना दी गई। हमें बताया गया कि बाहर मौसम खराब है, लेकिन स्थिति नियंत्रण में है।
एनाउंसमेंट में हमें सतर्क रहने और सीट बेल्ट बांधने के निर्देश दिए गए। अभी एनाउंसमेंट खत्म हुआ ही था कि अचानक लगा कि हम विमान में नहीं बैठे हैं, बल्कि हवा में उड़ रहे हैं। विमान और हमारे बीच का संपर्क टूट गया। विमान हिचकोले खाने लगा। फिर पता चला कि हमारा विमान एयर पॉकेट (चक्रवात) में फंस गया। कुछ देर तक यही स्थिति रही। पल भर बाद विमान को लैंड करने की सूचना दी गई।
उसके बाद पायलट ने चार बार विमान कोलकाता एयरपोर्ट में लैंड कराने की कोशिश की, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। लगातार लैंड कराते समय विमान के पीछे वाले हिस्से में बना पैनल भी क्रेक हो गया। इस बीच विमान में बैठे सभी यात्रियों को अपनी मौत सामने दिखाई दे रही थी। कोई चीख रहा था तो कोई आंखें बंद कर मुट्ठी भींच कर बैठा था। एयर हो स्टेज और बाकी स्टाफ कुछ बोलने की स्थिति में नहीं थे।
विमान के अंदर अफरा-तफरी का माहौल हो गया था। हिचकोले से सीट नंबर 20 और 22 भी क्रेक हो गए थे। इस दौरान तीन यात्रियों का बीपी लो हो गया और एक एयर हो स्टेज बुरी तरह से घायल भी हो गई। उसके सिर और हाथों में चोट लगी। आनन-फानन में फ्लाइट को भुवनेश्वर की ओर ले जाया गया।