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रायपुर नगर निगम के 40 वार्ड अनारक्षित, दर्जनभर को बदलना होगा वार्ड

7 वर्ष पहले
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रायपुर. राज्य की सबसे बड़े रायपुर नगर निगम के 70 में से 40 वार्डों को अनारक्षित घोषित कर दिया गया। जिला प्रशासन ने रायपुर और बिरगांव निगम के अलावा जिले की तीन नगर पालिकाओं और चार नगर पंचायतों के लिए राजधानी के शहीद स्मारक भवन में गुरुवार को वार्डों का आरक्षण तय किया। रायपुर निगम में जिन 40 वार्डों को अनारक्षित किया गया, उनमें से 13 महिलाओं के लिए आरक्षित कर दिए गए। पूरा आरक्षण चक्रानुक्रम पर तथा महिलाओं का आरक्षण लॉटरी से किया गया। सबसे पहले रायपुर नगर निगम तथा अंत में बीरगांव नगर निगम के 40 वार्डों के लिए आरक्षण तय किया गया।
दर्जनभर को बदलना होगा वार्ड
शहर के 70 वार्डों के आरक्षण में निगम की राजनीति में खासा दखल रखने वाले नेताओं की जमीन खिसक गई। निगम के सभापति हों, नेता प्रतिपक्ष हों, एमआईसी मेंबर हो या फिर जोन अध्यक्ष, आरक्षण की वजह से ये अब अपने वार्डों से चुनाव ही नहीं लड़ पाएंगे। कई पार्षद पति जो इस बार माकूल आरक्षण का इंतजार कर रहे थे, उन्हें पांच साल और इंतजार करना होगा। हालांकि कुछ पार्षद ऐसे भी हैं, जिनके वार्ड अनारक्षित हैं और उन्हें चुनाव लड़ने में कोई परेशानी नहीं होगी।

शहीद स्मारक भवन में गुरुवार को जिले के सभी नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत के वार्डों के लिए लॉटरी निकाली गई। राजधानी के वार्डों का सबसे पहले आरक्षण होना था, इसलिए सुबह 11 बजे से पहले ही हॉल भर गया। इस दौरान शहर के अधिकतर पार्षद और समर्थक मौजूद थे। जैसे-जैसे लॉटरी खुलती रही, कुछ खेमों में खुशियां बिखरी तो कुछ में उदासी रही। इस दौरान नरेंद्र मोदी और सोनिया गांधी के समर्थन में नारे भी लगते रहे। एकाध बार दोनों गुट आमने-सामने भी हुए लेकिन पुलिस ने सबको बाहर का रास्ता दिखा दिया।
अब चुनाव लड़ेंगे पार्षद पति
एमआईसी मेंबर राधिका नागभूषण राव का वार्ड बंजारी माता मंदिर सामान्य हो गया है। यहां से उनके पति नागभूषण राव मजबूत दावेदार हैं। जोन एक की अध्यक्ष अंजनी राधेश्याम विभार का वीरांगना अवंतिबाई वार्ड एससी हो गया है। यहां से उनके पति राधेश्याम विभार टिकट मांगेंगे।
निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले
मृत्युंजय दुबे का सुंदरनगर वार्ड और वरिष्ठ पार्षद प्रमोद दुबे का शहीद चूड़ामिण वार्ड भी सामान्य हो गया है, अत: दोनों इन्हीं वार्डों से लड़ सकते हैं। इसी तरह सूर्यकांत राठौर, प्रफुल्ल विश्वकर्मा, अनवर हुसैन, सतनाम पनाग और समीर अख्तर के वार्ड सामान्य रहने से उनका रास्ता भी साफ है।
दलीय स्थिति
कांग्रेस 31
भाजपा 29
निर्दलीय 10
कई महिलाओं की रवानगी
कई ऐसी महिला पार्षदों की आरक्षण के बाद राजनीति से रवानगी तय है, जिन्होंने वार्ड महिला के लिए आरक्षित होने के कारण अपने पति की तरफ से चुनाव लड़ा था। मीनल छगन चौबे, राधिका नागभूषण राव, अंजनी राधेश्याम विभार, रेणुका प्रशांत बख्शी, अंजू चंद्रशेखर तिवारी, ममता सुभाष अग्रवाल, नीतू घनश्याम तिवारी, सीमा संतोष साहू, भारती अवतार बागल, रानी सतीश जैन, रेखा रामटेके, कविता शिव ग्वालानी, निकहत अंजुम जावेद, अनिता फूटान, पुष्पा धमेंद्र तिवारी, अनिता अरविंद यादव और धनेश्वरी ध्रुव में से कुछ आरक्षण बदलने के बाद पति के लिए राजनीति से वापस लौट सकती हैं।
बढ़े महापौर के दावेदार
रायपुर नगर निगम 1 सितंबर को सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित घोषित किया गया था। इस पद के लिए नगर निगम के नेताओं के अलावा भाजपा से सुनील सोनी, सच्चिदानंद उपासने, केदार गुप्ता, छगन मूंदड़ा, मोहन एंटी आदि तथा कांग्रेस से कुलदीप जुनेजा, किरणमयी नायक तथा विकास उपाध्याय के नाम भी चर्चा में हैं। पीडब्ल्यूडी मंत्री राजेश मूणत भी कह चुके हैं कि पार्टी टिकट देगी तो वे भी मेयर चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं।
नए नाम भी उभरे

आरक्षण की लॉटरी में वार्ड हाथ से निकल जाने के बाद भाजपा से संजय श्रीवास्तव, सुभाष तिवारी, मीनल चौबे, सुभाष अग्रवाल तथा दीनानाथ शर्मा एवं कांग्रेस से मनोज कंदोई, ज्ञानेश शर्मा तथा जगदीश आहूजा महापौर के टिकट के लिए जोरदार ढंग से दावेदारी पेश कर सकते हैं।
कड़ा मुकाबला संभव
मौलाना अब्दुल रऊफ (बैजनाथपारा), शहीद चूड़ामणि नायक (रामकुंड), ब्राह्मणपारा, सुंदर नगर, तात्यापारा, सदर बाजार, सिविल लाइन, राजीव गांधी और डॉ. भीमराव अंबेडकर वार्ड में दावेदारों की संख्या ज्यादा होने की वजह से यहां के चुनाव रोमांचक और संघर्षपूर्ण हो सकते हैं।
इन्हें तलाशने होंगे नए वार्ड
निगम के सभापति संजय श्रीवास्तव का शंकर नगर वार्ड अनारक्षित से ओबीसी हो गया है। निगम के नेता प्रतिपक्ष सुभाष तिवारी का शहीद पंकज विक्रम वार्ड अनारक्षित से सामान्य महिला हो गया है। जोन अध्यक्ष रितेश त्रिपाठी का वार्ड सामान्य से महिला हो गया है। जोन दो की अध्यक्ष नीतू घनश्याम तिवारी का रमण मंदिर वार्ड ओबीसी हो गया है। उनके पति घनश्याम राजू तिवारी भी चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। जोन चार के अध्यक्ष अनीस अहमद का वार्ड महिला हो गया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियों से पार्षद रह चुके दीनानाथ शर्मा का दानवीर भामाशाह वार्ड एससी हो गया है। उन्हें दूसरे वार्ड की तलाश करनी होगी। रानी लक्ष्मी बाई वार्ड से पार्षद और एमआईसी सदस्य जग्गू सिंह ठाकुर का वार्ड एससी हो गया है। एमआईसी मेंबर राकेश धोतरे का सुभाष चंद्र बोस वार्ड महिला हो गया। एमआईसी मेंबर रानी सतीश जैन का सदर बाजार वार्ड सामान्य हो गया है। उनके पति सतीश जैन यहां से दावेदारी कर सकते हैं। एमआईसी मेंबर मनोज कंदोई का स्वामी विवेकानंद वार्ड महिला हो गया है। वे सदर बाजार से टिकट मांग सकते हैं। एमआईसी मेंबर ज्ञानेश शर्मा का डीडी नगर वार्ड महिला हो गया है। उनके ब्राह्मणपारा से चुनाव लड़ने की संभावना है। एमआईसी मेंबर जगदीश आहूजा का रविंद्रनाथ टैगोर वार्ड ओबीसी महिला के लिए आरक्षित हो गया है।
आगे की स्लाइड में देखिए कौनसे वार्ड में कौन प्रत्याक्षी।