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रायपुर एम्स : पटना की तरह डाक्टरों की भर्ती में यहां भी गड़बड़ी

7 वर्ष पहले
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रायपुर. दो साल पहले राजधानी में शुरू हुए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में डॉक्टरों की भर्ती विवादों में पड़ गया है। भास्कर की पड़ताल में पता चला है कि यहां भी एक डाक्टर के दागी होने की आशंका है। पटना एम्स में डॉक्टरों की भर्ती की जांच सीबीआई कर रही है। आशंका है कि रायपुर एम्स में भी अपात्र डॉक्टरों का चयन किया गया है।

चिकित्सा के क्षेत्र में देश के सर्वोच्च संस्थान एम्स में इलाज के सिस्टम पर अब तक कोई सवाल नहीं उठे, लेकिन भर्ती तथा अन्य प्रशासनिक मामलों में गड़बड़ियां ही सुर्खियां बनी हुई हैं। देश के छह नए एम्स में इन दिनों डॉक्टरों की भर्ती पर बवाल मचा है। सूत्रों के अनुसार रायपुर एम्स में भी एक विभागाध्यक्ष ऐसे हैं, जो यहां आने से पहले केरल के एक प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज से लापरवाही के आरोप में सस्पेंड किए जा चुके हैं। वे वहां एडिशनल प्रोफेसर थे। यह मामला फरवरी 2012 यानी रायपुर में ज्वाइनिंग देने से ठीक पहले का है। केरल के अस्पताल की जांच कमेटी ने इस सीनियर डॉक्टर को दोषी ठहराया था। सस्पेंशन संबंधी दस्तावेज दैनिक भास्कर के पास है।
हालांकि एम्स के अधिकारियों का तर्क है कि कोई भी डॉक्टर पहले कार्यस्थल से इस्तीफा देकर यहां नौकरी कर सकता है। चूंकि पटना एम्स में भर्ती में काफी गड़बड़ी हो चुकी है, इसलिए माना जा रहा है कि उक्त डाक्टर के अलावा और कई भी अपात्र हो सकते हैं।

गौरतलब है, रायपुर एम्स के लिए डाक्टरों की भर्ती दिल्ली मुख्यालय से की गई थी। यहां के डायरेक्टर उस भर्ती में इंटरव्यू पैनल में थे।

क्या हुई है गड़बड़ी?

एम्स पटना में अपात्र डॉक्टरों के चयन में वहां के डायरेक्टर को जिम्मेदार ठहराया गया था। सीबीआई की जांच में यह बात सामने आई है कि डाक्टरों की भर्ती का जिम्मा एक प्राइवेट कंपनी को दे दिया गया था। उस कंपनी ने मनमानी कर दी। भर्ती के लिए ऐसे साफ्टवेयर का सहारा लिया गया, जिससे आसानी से गड़बड़ी की जा सकती थी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय पहले ही इस गड़बड़ी की पुष्टि कर चुका है।

दो साल से सर्जरी नहीं

स्थानीय एम्स में नियुक्त डॉक्टर पिछले दो साल से केवल नौकरी कर रहे हैं। यहां डाक्टरों ने अब तक एक भी सर्जरी (आपरेशन) नहीं की है। जानकार बताते हैं कि सर्जिकल डॉक्टरों के लिए प्रैक्टिस जरूरी है। एम्स के डॉक्टरों के लिए प्राइवेट प्रैक्टिस पर पाबंदी है, अत: वे बाहर आपरेशन नहीं कर सकते। इसीलिए यहां के डॉक्टर ऑपरेशन थिएटर व इमरजेंसी भर्ती शुरू करने का इंतजार कर रहे हैं।
मुख्यालय से गड़बड़ी की सूचना नहीं मिली
रायपुर में डॉक्टरों की भर्ती में गड़बड़ी की कोई जानकारी मुख्यालय से नहीं आई है। जहां तक एचओडी के यहां ज्वाइन करने की बात है, इसकी जानकारी नहीं है।- नीरेश शर्मा, डिप्टी डायरेक्टर प्रशासन