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15 लाख में अब तक सिर्फ 90 हजार किसानों का पंजीयन

7 वर्ष पहले
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रायपुर. धान बेचने के लिए पंजीयन की अनिवार्यता किसानों पर भारी पड़ रही है। पंजीयन बेहद धीमी रफ्तार से हो रहा है। सोसाइटियों में 15 लाख किसानों के पंजीयन का लक्ष्य रखा गया था लेकिन तीन सप्ताह में 90 हजार किसानों का ही पंजीयन हो सका है।

सोसाइटी में पंजीयन कराने का अंतिम तिथि 30 सितंबर है। यानी किसानों के पास सिर्फ सात दिन हैं। जिस रफ्तार से पंजीयन किया जा रहा है, उससे नहीं लगता कि सभी किसानों का पंजीयन हो सकेगा। राज्य शासन ने पिछले पांच सालों में धान बेचने वाले किसानों को पंजीयन के लिए पात्र माना है। उन्हीं किसानों का आवेदन स्वीकार किया जा रहा है जिनके नाम सोसाइटियों में धान बेचने वालों में दर्ज हैं। प्रदेश की 1333 सोसाइटियों में अभी तक छह लाख से अधिक आवेदन आ चुके हैं। इनका सत्यापन पटवारी, ग्राम सेवक और समिति सेवक को करना है। एक पटवारी के पास दो-तीन सोसाइटियों की जिम्मेदारी है इसलिए वे इनका सत्यापन नहीं कर पा रहे हैं।

तहसीलदार के पास लगेगी कतार

जिन किसानों का सोसाइटी में पंजीयन नहीं हो सकेगा, वे तहसीलदार के पास अपील करेंगे। इसके लिए 1 से 15 अक्टूबर की तारीख तय की गई है। तहसीलदार उन आवेदनों का निरीक्षण कर पंजीयन के लिए अनुमति देंगे। बड़ी संख्या में आवेदन जमा नहीं होने के कारण माना जा रहा है कि छूटे हुए किसानों की कतार तहसीलदार के पास लग जाएगी।
मोबाइल ही नहीं
बालोद जिले की सोसार सोसाइटी में मोबाइल नंबर नहीं होने के कारण 50 किसानों के पंजीयन नहीं हो सके हैं। वहां एक हजार किसान हैं जिनमें से 750 किसानों के आवेदन जमा हुए हैं।
आवेदनों का ढेर
दुर्ग जिले की घोंठा सोसाइटी में अभी तक केवल 150 किसानों के ही पंजीयन हो सके हैं। वहां पांच सौ से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं पर मोबाइल, ऋण पुस्तिका समेत दूसरी समस्याएं आ रही है।
फाइल फैक्ट
- प्रदेश में कुल किसान 32 लाख
-पंजीयन के लिए पात्र किसान 15 लाख
-सोसाइटी में आए कुल आवेदन 6 लाख
-साफ्टवेयर में दर्ज पंजीयन 90 हजार
इसलिए नहीं हो पा रहा पंजीयन
- किसान के पास मोबाइल नहीं है

- किसान ने नई जमीन खरीदी

- दूसरी सोसाइटी में नाम ट्रांसफर हो गया

- ऋण-पुस्तिका अलग-अलग नाम से है

- नाबालिग बच्चों के नाम पर जमीन है

- पटवारी सत्यापन नहीं कर पा रहे आवेदन पत्रों का

- अनपढ़ किसान नहीं भर पा रहे आवेदन

- मतदाता परिचय पत्र नहीं होने के कारण नहीं हो पा रहा पंजीयन