रायपुर. छत्तीसगढ़ में सरकारी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु नहीं घटाई जाएगी। कर्मचारियों को 62 के बजाय 60 साल में ही रिटायर करने की अटकलों को राज्य सरकार ने खारिज कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार के पास न तो इस तरह का कोई प्रस्ताव है और न ही इस पर विचार किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार के एक कथित पत्र के बाद से ही सरकारी अमले में इस बात की चर्चा हो रही थी कि उनकी सेवानिवृत्ति की आयु कम की जा रही है।
सरकार की ओर से अटकलों पर विराम लगाने का प्रयास उस समय किया गया है, जब कर्मचारियों की ओर से इस मामले में नाराजगी जताई जा रही है। कुछ कर्मचारी संगठनों ने नगरीय निकाय चुनाव में राज्य सरकार का विरोध की भी चेतावनी दी थी। पिछले दिनों मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव एन बैजेंद्र कुमार ने भी इस मामले में स्पष्ट रुप से कहा था कि ऐसा प्रस्ताव राज्य सरकार के पास नहीं है। बावजूद इसके कर्मचारी संगठन अपने-अपने स्तर पर विरोध प्रदर्शन की तैयारी में लगे थे।
अभी जिस सीट पर बैठा हूं, वहीं काफी हॉट है : रमन
केबीसी के हॉट सीट पर में जाने और
अमिताभ बच्चन के सामने हॉट सीट पर बैठने के सवाल पर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि अभी जिस पर बैठा हूं, वही काफी हॉट है। ऐसे में दूसरी हॉट पर बैठने की अभी कोई योजना नहीं है। न ही उन्हें अब तक इसका न्यौता मिला है। इस सबसे अलग खुशी की बात यह है कि छत्तीसगढ़ में केबीसी जैसे कार्यक्रम का आयोजन हो रहा है। यह हम सभी के लिए गर्व की बात है। मुख्यमंत्री ने एक ओर जहां केबीसी में भाग लेने से इनकार किया है वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने इस मामले में मुख्यमंत्री पर प्रहार किया है। बघेल ने कहा सस्ते में स्टेडियम देकर सरकार केबीसी का फायदा उठाना चाह रही है। सरकारी धन का उपयोग कर सीएम अपना प्रमोशन करवाना चाह रहे हैं।