रायपुर. नगरीय निकाय चुनाव से पहले राजधानी के कई हिस्सों में सड़क निर्माण समेत अन्य मरम्मत के काम शुरू हो गए हैं। इस दौरान हो रहे काम की गुणवत्ता देखने वाला कोई नहीं। अमलीडीह में 29 लाख रुपए की लागत से बन रही एक किलोमीटर लंबी सड़क को लेकर शिकायत मिली कि 15 दिन में ही यह जगह-जगह से धंस रही है। इस पर टीम पड़ताल के लिए मौके पर पहुंची।
देखा कच्चे रास्ते पर जमीन को बिना समतल किए ही कॉन्क्रीट बिछाने का काम चल रहा है। जिस हिस्से में काम पूरा हो गया है, वहां की सड़क धंस गई है। कुछ जगह दरार पड़ गए हैं। ठेका कर्मचारयों से इस बारे में पूछा तो कहने लगे, कॉन्क्रीट बिछाने से पहले रोलर चलाने के लिए नहीं कहा गया था। वे हाथ से ही मिट्टी को बैठाकर सीमेंट डाल रहे हैं। वहीं मौके पर इंजीनियर या निगम के अधिकारियों के नहीं होने पर उनका कहना था कि यहां कोई नहीं आता। ठेकेदार ने जैसा बताया है, वैसा काम कर रहे हैं।
इस पर ठेकेदार राजेश पाल से बात की गई। उन्होंने बताया कि इस साल जनवरी में सड़क का ठेका मिला था। पहले से जो सड़क थी, उसकी चौड़ाई बढ़ाकर कॉन्क्रीटीकरण करना है। पहले वे गुणवत्ता का ध्यान रखने का दावा कर रहे थे। जब बताया कि सब सही है तो 10-15 दिन में ही सड़क क्यों धंसने लगी तो बोले, गलती हो गई, सुधार करवा दिया जाएगा। वहां के लोगों ने भी इसकी शिकायत की थी।
जोन क्र.-4 के आयुक्त बीआर चौहान से इस बारे में पूछा तो उन्हें घटिया निर्माण की जानकारी नहीं थी। बोले, ठेकेदार ने क्वालिटी का ध्यान नहीं रखा है तो जांच करवाता हूं। उधर इस काम की मॉनीटरिंग करने वाले जोन के सब-इंजीनियर कमलेश मिथलेश का कहना है कि वे राउंड पर जाते रहते हैं। धंसी हुई सड़क नहीं देख पाए हैं, ठेकेदार से कहकर सुधरवा देंगे। ठेकेदार और अधिकारियों की लापरवाही पर रहवासियों का कहना है कि सरकारी पैसे की बर्बादी है। बनते ही यह हाल है तो कितने दिन टिकेगी।
अधिकारी देखने नहीं आते
बनने के 15 दिन बाद ही सड़क धंसने लगी तो ठेकेदार और सुपरवाइजर से हम लोगों ने शिकायत की लेकिन ध्यान नहीं दिया गया। कहते हंै कि मेन रोड है, गाड़ियों का आना-जाना लगा रहता है। किस तरह काम हो रहा है, इसे देखने अधिकारी भी नहीं आते। - सागर गोहिया, रहवासी, अमलीडीह
हमें तो परेशानी ही होगी
नई सड़क बनाने के लिए पहले रोलर चलाकर जमीन को समतल करना था। ठेकेदार ने पैसे बचाने के लिए ऐसा नहीं किया। अभी से ही सड़क उखड़ने लगी है। इससे सुविधा की जगह हमें तो परेशानी ही होगी।
- रितेश सोनी, रहवासी, अमलीडीह
घटिया निर्माण है
सीमेंट की जगह बारिक पाउडर का इस्तेमाल हो रहा है। ठेकेदार क्वालिटी का ध्यान नहीं रख रहा है। इसकी शिकायत पार्षद से कर चुके हैं लेकिन उन्होंने भी नजरअंदाज कर दिया। घटिया निर्माण होने की वजह से ही तो 15 दिनों में सड़क उखड़ रही है। शासन का लाखों रुपए बर्बाद हो रहा है। - प्रकाश साहू, रहवासी, अमलीडीह
रहवासी कर चुके हैं विरोध
मौके पर काम करते ठेका कर्मचारियों से निर्माण को लेकर बात की गई। उन्होंने बताया कि जमीन समतल नहीं की गई है। उबड़-खाबड़ सतह पर कॉन्क्रीट बिछा रहे हैं। उनका यह भी कहना था कि वे अंदाज से मटेरियल बनाते हैं। निगम का कोई अधिकारी गुणवत्ता की जांच करने नहीं आता। वहीं बारिश की वजह से गीली जमीन को बिना समतल किए सड़क बनाने से 15 दिन में ही निर्माण धंस रहा है। रहवासियों ने इसका विरोध भी किया लेकिन ठेकेदार की ओर से सुधार नहीं करवाया गया।
निर्माण की जांच करवाऊंगा
सड़क निर्माण पर 29 लाख रुपए खर्च किया जा रहा है, इसके बाद भी ठेकेदार क्वालिटी का ध्यान नहीं रख रहा है तो जांच करवाता हूं। 15 दिनों में ही सड़क कैसे उखड़ सकती है। अभी उप-अभियंता को भेजता हूं। कल खुद मौके पर जाकर देखूंगा, क्वालिटी ठीक नहीं मिलने पर ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - बीआर चौहान, आयुक्त, जोन क्र.- 4, रायपुर नगर निगम
सीधी बात :
गलती तो हो गई, अब सुधार करवा दूंगा : राजेश पाल, प्रोपराइटर, पॉल कंस्ट्रक्शन
- अमलीडीह में सड़क निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत मिल रही है?
मेरे पास भी शिकायत आई थी, सुधार करवा दूंगा।
- जमीन को समतल करने के लिए रोलर नहीं चलाया गया इस वजह से सड़क उखड़ रही है?
रोलर नहीं चलाया लेकिन धुम्मस से बराबर किया जा रहा है। आपका कहना सही है लेकिन गलती तो हो गई है। अब सुधार करवा देंगे।
- सीमेंट भी सही मात्रा में नहीं डाल रहे हैं?
सीमेंट तो बराबर डालते हैं, कम ज्यादा हो गया होगा। मशीन में बराबर मात्रा में डालते हैं।
- 15 दिनों में ही सड़क उखड़ने के क्या करण हैं?
कर्मचारियों से पूछता हूं... मेन रोड है, गाड़ियों का आना-जाना लगा रहता है।
ठेकेदार को सुधरवाने के लिए कह देता हूं : कमलेश मिथलेश, उप-अभियंता, जोन क्र. - 4, रायपुर नगर निगम
- अमलीडीह में बनाई जा रही सड़क 15 दिन में उखड़ने लगी है?
ठेकेदार को सुधरवाने के लिए कह देता हूं।
- निर्माण की लागत कितनी है?
29 लाख रुपए से निर्माण करवाया जा रहा है।
- मिट्टी की खुदाई के बाद रोलर नहीं चलाया जा रहा है, सीमेंट की मात्रा भी कम है?
डब्ल्यूएमएम सड़क बनाने में रोलर चलाया जाता है, इसमें भी बराबर करने के लिए चलाया जा सकता था।
- हो रहे काम की मॉनीटरिंग नहीं की जा रही है?
मैं जाता हूं, आज भी गया था।
- मैं आज पांच घंटे वहां था और लगातार तीन दिनों से जा रहा हूं लेकिन आप नहीं दिखे?
हो सकता है मुलाकात नहीं हुई हो पर राउंड लगाने जाता हूं।
आगे की स्लाइड में देखिए कैसे उखड़ रही है बन रही सड़क की तस्वीर...