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समाज के भय से बेटों ने साथ छोड़ा, बेटी ने दी मुखाग्नि

8 वर्ष पहले
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रायपुर/अंबागढ़ चौकी. एक पिता की मौत के बाद भी सगे बेटों ने समाज के भय से साथ नहीं दिया। उनके अंतिम संस्कार में नहीं बेटे नहीं पहुंचे तो बेटी ने अपने पिता को मुखाग्नि देकर इस रस्म को निभाया। शनिवार को वनांचल में दिनभर इसी बात की चर्चा होती रही। नगर के भगत सिंह आवास कालोनी निवासी 45 साल के ईश्वर नेताम की शनिवार को मानपुर में हार्ट अटैक से मौत हो गई।
पेशे से वह राज मिस्त्री था। वह कुछ दिनों से मानपुर निवासी बलराम देशमुख के यहां बन रहे मकान में काम में काम करने गया था। दोपहर सीने में दर्द उठने पर उसे मानपुर अस्पताल पहुंचाया गया। वहां उनकी मौत हो गई। ईश्वर की मौत की सूचना कोड़ेमरा में उसके परिवार व सगे सबंधियों को दी गई पर उसके अंतिम संस्कार के लिए परिवार से कोई नहीं पहुंचा।
ईश्वर मरार पटेल समाज की युवती भारती से विवाह कर लेने के बाद अपने परिवार से अलग रहता था। ईश्वर व भारती को दोनों के समाज ने छोड़ दिया था। सामाजिक बंधनों के भय से उसके दो सगे बेटे अपने पिता को कंधा देने नहीं आए। मृतक की उसकी दूसरी पत्नी की मंझली बेटी 12 वर्षीय पायल ने यह रस्म निभाई। ईश्वर नेताम ने ब्याहता पत्नी को 15 वर्ष पहले छोड़ दिया था। पहली पत्नी से उसके दो बेटे थानसिंह, अजय व एक बेटी रेखा है। दूसरी पत्नी भारती से उसकी दो लड़कियां पायल व पुष्पा है।
नगर पंचायत ने किया सहयोग
शाम 5 बजे नपं उपाध्यक्ष अनिल मानिकपुरी को स्थितियों से अवगत कराया। घटना की जानकारी मिलते ही मानिकपुरी मौके पर पहुंचे और उन्होंने नगर पंचायत कर्मियों की मदद से ईश्वर का अंतिम संस्कार कराया।