पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Spending Seven Billion Stadium Astroturf

सात करोड़ खर्च कर भी नहीं मिलेगा स्टेडियम में एस्ट्रोटर्फ

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

रायपुर. नगर निगम ने नेताजी सुभाष स्टेडियम को सात करोड़ रुपए की लागत से सजाने का फैसला लिया है, लेकिन इस रकम से न तो स्टेडियम में एस्ट्रोटर्फ बनाया जाएगा और न ही मैदान में हरी घास बिछाई जाएगी। सारा खर्चा स्टेडियम को बाहर से सुंदर बनाने में ही खर्च कर दिया जाएगा।

निगम के इस फैसले का हॉकी समेत कई खेलों के खिलाडिय़ों ने विरोध किया है। उनका कहना है कि स्टेडियम में पहले ही खेल कम और सामाजिक कार्यक्रम ज्यादा होते हैं। ऐसे में सात करोड़ रुपए खर्च करने के बाद एस्ट्रोटर्फ भी न लगाया जाना गलत है। निगम अफसरों का कहना है कि स्टेडियम का उपयोग खेल के अलावा कई तरह के आयोजनों में होता है। ऐसे में एस्ट्रोटर्फ बनता है तो उसकी देखभाल मुश्किल हो जाएगी।

1980 के बाद 2011 में बनाई योजना

नेताजी सुभाष स्टेडियम तत्कालीन कलेक्टर अजीत जोगी और नजीब जंग के कार्यकाल के दौरान बनकर तैयार हुआ। लगभग तीस साल बाद तत्कालीन नगरीय प्रशासन मंत्री राजेश मूणत ने स्टेडियम के रेनोवेशन के लिए शासन से सात करोड़ रुपए दिए। निगम के पास पिछले एक साल से सात करोड़ आकर पड़े हुए हैं। मगर इसके बावजूद स्टेडियम को नया लुक देने के लिए अब तक पहल नहीं की गई।

ये है उपाय

शहर के सीनियर खिलाडिय़ों का कहना है कि पुराने फायर ब्रिगेड की जगह खाली होने के बाद मैदान का डायरेक्शन बदलकर इस खाली जगह का उपयोग बेहतर तरीके से किया जा सकता है। लेकिन नगर निगम ने जो योजना तैयार की है उसमें इस बात का जिक्र ही नहीं किया गया है। उल्टे योजना में फायर ब्रिगेड की खाली जगह पर मल्टी लेवल पार्किंग बनाने की तैयारी की जा रही है।

सड़क पर उतरेंगे खिलाड़ी

शहर के हॉकी खिलाड़ी शेख समीर, मोहम्मद जुनैद, मांडवी और परवेज अहमद ने कहा कि सात करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं तो एस्ट्रोटर्फ लगना ही चाहिए। इससे हॉकी खिलाडिय़ों का कैरियर संवरेगा। उन्हें नेशनल और इंटरनेशनल टीमों में शामिल होने का अवसर मिलेगा। स्टेडियम में एस्ट्रोटर्फ नहीं लगाया गया तो खिलाड़ी सड़क की लड़ाई लड़ेंगे। शहर के इतने पुराने स्टेडियम को किसी भी परिस्थिति में बर्बाद होने नहीं दिया जाएगा।

स्टेडियम को नई शक्ल देने के लिए एमआईसी ने सात करोड़ रुपए की योजना मंजूर की है। सामान्य सभा में भी इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाएगी। मैदान में एस्ट्रोटर्फ लगाने के लिए जगह नहीं बच रही है इस वजह से इसे योजना में शामिल नहीं किया गया है।

किरणमयी नायक, महापौर
स्टेडियम को नया बनाने के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। कोशिश की जाएगी कि दो साल में नई इमारत बनकर तैयार हो जाए। फिलहाल इस योजना में एस्ट्रोटर्फ नहीं लगाया जाएगा।
नरेंद्र दुग्गा, निगम कमिश्नर