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मासूमियत का कत्ल : सौतेली मम्मी के साथ दो युवक भी पीटते व दागते थे बच्चियों को

7 वर्ष पहले
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रायपुर. राजधानी के कबीरनगर में पिछले तीन महीने से सौतेली मां की प्रताड़ना की शिकार बच्चियों को अंबेडकर अस्पताल में भर्ती किया गया है। इनमें से एक बच्ची मुस्कान के सिर और पूरे शरीर में दागे जाने तथा गंभीर चोटों के निशान हैं। इस आधार पर पुलिस ने बच्चियों की सौतेली मां और पिता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। बच्चियों ने पुलिस को यह भी बताया कि उन्हें गर्म चिमटे और छुरी से सौतेली मां ही नहीं, घर में रहनेवाले दो और युवक भी जलाते थे। इन दोनों युवकों को भी कार्रवाई के दायरे में लिया जा रहा है।

बच्चियों पर हुए इस अत्याचार से पूरे कबीरनगर के अलावा पुलिस महकमे में भी खलबली मची हुई है। अंबेडकर अस्पताल में भर्ती इन बच्चियों के इलाज के लिए पांच डाक्टरों की टीम बना दी गई है। इनमें 10 साल की नाजिया की हालत सामान्य है। उसकी बड़ी बहन 11 साल की मुस्कान के सिर और जांघ में गर्म लोहे से दागने के गहरे निशान हैं। रस्सियों से घंटों बांधे जाने के कारण कलाइयां भी सूजी हुई हैं। अस्पताल प्रशासन ने बच्चियों के इलाज के लिए पांच डाक्टरों न्यूरो सर्जन डॉ. अमित मुखर्जी के अलावा डॉ. एसएन गोले तथा डा. अतिन कुंडू (आर्थो), डॉ. एस फुलझेले (आर्थो) तथा डॉ. विजया साहू (नेत्र विशेषज्ञ) की टीम बना दी है।

तीन माह से चावल खुद बनाते थे
बच्चियों ने बताया कि तीन माह से उन्हें खाने के लिए सिर्फ चावल ही दिया गया। घर में दाल-सब्जी भी बनती थी, लेकिन उन्हें नहीं मिलता था। बच्चियों का कहना है कि उन्हें दाल-सब्जी खाने की आदत ही छूट गई है। बच्चिया खुद खाना बनाती थी।

पापा को चाचा नहीं बोला तो धमकाया
बच्चियां अपने पिता कमल हसन को चाचा ही कहती रहीं। पूछने पर उन्होंने बताया कि सौतेली मां ने उन्हें पापा को चाचा कहने की ताकीद की थी। ऐसा नहीं कहने पर बच्चियों को जलाया जाता था। बच्चियों ने बताया कि उसके पिता अक्सर कैटरिंग के काम के कारण बाहर रहते थे। वे आते थे तो सौतेली मां उन्हें भीतर सुला देती थी।

ये है मामला

मेरठ का कमल हसन दूसरी पत्नी अंजलि के साथ छह माह से कबीरनगर में रह रहा था। मुस्कान और नाजिया उसकी पहली पत्नी की बेटियां हैं। ये दोनों दादी के साथ वहीं रहती थीं। ये दोनों दादी के साथ वहीं रहती थीं। तीन माह पहले वह बच्चियों को रायपुर ले आया। यहां आते ही अंजलि ने मारपीट शुरू कर दी। बच्चियों को पीटने के अलावा वह चिमटे और छुरी गर्म करके दागती भी थी। बच्चियों के मुताबिक कैटरर कमल के मकान के ऊपरी हिस्से में चार-पांच कर्मचारी भी रहते हैं। इनमें से दो कर्मचारी इकबाल और जावेद भी मारपीट में शामिल रहते थे। वही बच्चियों के हाथ-पैर बांधते थे, इसके बाद अंजलि उन्हें पीटती थी।