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जमीन के चक्कर में अटका नया रायपुर का रेल लाइन प्रोजेक्ट

7 वर्ष पहले
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रायपुर. केंद्री से नया रायपुर के मध्य बिछाए जाने वाले 20 किलोमीटर लंबी रेल लाइन का प्रोजेक्ट फिलहाल अटक गया है। नया रायपुर विकास प्राधिकरण और रेलवे के मध्य मई महीने में ही नई रेल लाइन के लिए एमओयू होने वाला था। लेकिन जमीन की लेनदेन के विवाद के कारण अभी तक एमओयू नहीं हो सका है। रेलवे ने रेल लाइन के लिए बजट आने के बाद भी टेंडर फाइनल करने की प्रक्रिया रोक दी है।
जब तक जमीन हस्तांतरण का मामला सुलझ नहीं जाता, तब तक रेल लाइन बिछाने की दिशा में काम नहीं होगा। नई राजधानी क्षेत्र में रेलवे द्वारा स्लीपर लाकर रखा गया है। इससे आम लोगों के मन में यहां नई रेल लाइन बिछने को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। वहीं बिलासपुर जोन के अफसरों ने कहा है कि यह एक प्रारंभिक प्रक्रिया है। इसका मतलब यह नहीं है कि रेलवे यहां नई लाइन बिछाने का काम शुरू कर देगा। जब तक एनआरडीए व राज्य शासन के साथ समझौता नहीं हो जाता, तब तक टेंडर फाइनल नहीं किया जाएगा। ऐसे में अब नई राजधानी में रेल लाइन बिछाने का प्रोजेक्ट रुक गया है।
एमओयू के बड़े रोड़े
रेलवे और एनआरडीए के मध्य तीन जरूरी स्तरों पर एमओयू होने के बाद लाइन बिछाने का काम आगे बढ़ेगा। एमओयू में सबसे अहम जमीन हस्तांतरण है। नई राजधानी में एनआरडीए ने जो जमीन रेल लाइन बिछाने के लिए दी है, उसके बदले ही धमतरी छोटी लाइन की जमीन एनआरडीए मुफ्त चाहता है।
लेकिन रेलवे इसके लिए तैयार नहीं है। धमतरी छोटी लाइन के बदले रेलवे रकम या जमीन की मांग कर रहा है। इस वजह से ही यह प्रोजेक्ट अटक गया है। इसके अलावा स्टेशन बनाने और अंडर ब्रिज बनाने के लिए भी एमओयू होना है।
स्मार्ट सिटी की पहल
नया रायपुर को स्मार्ट सिटी बनाने की दिशा में पहल की जा रही है। इस वजह से भी शासन नई राजधानी में रेल लाइन बिछाने के प्रोजेक्ट को रोक रही है। सूत्रों के मुताबिक राज्य शासन
अब केंद्र से स्मार्ट सिटी के लिए मिलने वाले बजट के इंतजार में है।
जैसे ही केंद्र द्वारा नया रायपुर को स्मार्ट सिटी की सूची में शामिल किया जाएगा, वैसे ही यहां यातायात व परिवहन व्यवस्था को नए सिरे से विकसित किया जाएगा।
सीबीडी होगा मॉडल स्टेशन
उद्योग नगर, सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रीक और मुक्तांगन जैसे स्टेशन का निर्माण एनआरडीए खुद अपने बजट से करेगा। इसके लिए लगभग डेढ़ सौ करोड़ रुपए खर्च किए जाने हैं। केवल केंद्री स्टेशन को रेलवे की ओर से बनाया जाएगा। एनआरडीए द्वारा बनाए जाने वाले चार में से दो बड़े और दो छोटे स्टेशन होंगे। इन स्टेशनों को मेट्रो की तर्ज पर सर्वसुविधायुक्त बनाने की बात है। इसमें आवश्यक सुविधाओं के साथ-साथ लोग शॉपिंग मॉल बनाने की भी योजना थी। इसके अलावा सीबीडी को काफी वृहद तौर पर बनाने की योजना है।
जब तक एनआरडीए और रेलवे के साथ एमओयू नहीं हो जाता, नई राजधानी में रेल लाइन बिछाने का काम शुरू नहीं होगा। एमओयू के बाद ही टेंडर अवार्ड किया जाएगा। राजेंद्र अग्रवाल, सीपीआरओ, बिलासपुर जोन

रेल लाइन बिछाने के लिए जमीन दे दी है। लेकिन हम चाहते हैं कि इस जमीन के बदले हमें छोटी लाइन की जमीन दे दी जाए। रेलवे इसके लिए तैयार नहीं है। एसएस बजाज, उपाध्यक्ष, एनआरडीए