पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करेंरायपुर। प्रदेश के दो लाख सरकारी कर्मचारियों को केंद्र के बराबर महंगाई भत्ता मिलेगा। राज्य सरकार ने उनका डीए आठ प्रतिशत बढ़ा दिया है। अब यह 72 से बढ़कर 80 प्रतिशत हो जाएगा। कर्मचारियों को इसका लाभ 1 जनवरी 2013 से मिलेगा। विकास यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कर्मचारियों को डीए की एक अतिरिक्त किस्त की सौगात दी है। वित्त विभाग ने मंत्रालय से इसका आदेश भी जारी कर दिया है। इस फैसले से राज्य सरकार पर 200 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार आएगा।
शासकीय सेवकों को 1 नवम्बर 2012 से 72 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा था। अब उन्हें 1 जनवरी 2013 से यह 80 प्रतिशत की दर से देय होगा। बढ़े महंगाई भत्ते की राशि का नगद भुगतान किया जाएगा। महंगाई भत्ते की गणना मूल वेतन (वेतन बैंड में वेतन और ग्रेड वेतन) के आधार पर की जाएगी। इसमें विशेष वेतन और व्यक्तिगत वेतन शामिल नहीं होगा।
महंगाई भत्ते का कोई भी भाग मूलभूत नियम-9 (21) के तहत वेतन नहीं माना जाएगा। यह आदेश विश्व विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी), अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) सहित कार्यभारित और आकस्मिकता से वेतन पाने वाले कर्मचारियों पर भी लागू होगा। महंगाई भत्ते का भुगतान संबंधित विभागों के चालू वित्तीय वर्ष के स्वीकृत बजट प्रावधान के अनुरूप किया जाएगा।
इधर, छत्तीसगढ़ राज्य कर्मचारी संघ ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र जैन, महामंत्री वीरेंद्र नामदेव ने कहा कि कर्मचारी संघ ने इसकी मांग की थी। इससे कर्मचारियों को महंगाई से राहत मिलेगी। छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रवक्ता विजय कुमार झा ने कहा कि 35 दिनों की हड़ताल के बाद हुए समझौते के बाद सरकार ने यह फैसला लिया है। पहली बार मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ और केंद्र सरकार का महंगाई भत्ता समान हुआ है। इसी तरह केंद्र का अनुसरण करते हुए राज्य सरकार पेंशनरों को भी तत्काल महंगाई भत्ता प्रदान करे।
किसे कितना लाभ
कर्मचारी 72 प्रतिशत 80 प्रतिशत लाभ
प्रथम श्रेणी 22493 रुपए 24992 रुपए 2499 रुपए
द्वितीय श्रेणी 17021 रुपए 18912 रुपए 1891 रुपए
सहायक ग्रेड दो 10987 रुपए 12208 रुपए 1221 रुपए
सहायक ग्रेड तीन 9468 रुपए 10520 रुपए 1052 रुपए
चतुर्थ श्रेणी 6569 रुपए 7288 रुपए 729 रुपए
Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.