रायपुर. उरकुरा खमतराई में सोमवार की सुबह तीन माह की बच्ची के अपहरण से पूरे प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मच गया। बच्ची सो रही थी। उसकी मां ने बिस्तर पर सुलाया। बाहर से दरवाजा बंद किया और खुद पड़ोस में कहीं चली गई। करीब आधा घंटे बाद वह लौटी। सांकल खोलकर वह भीतर पहुंची तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। बच्ची बिस्तर पर नहीं थी। मां ने हड़बड़ाकर घर में तलाश किया लेकिन वह नहीं थी। उसके बाद पूरे इलाके में खलबली मच गई। दर्जनों लोग थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाने पहुंचे। घर से बच्ची के अपहरण की खबर फैलते ही पुलिस के आधा दर्जन से अधिक आला अफसर पहुंच गए।
क्राइम ब्रांच के एडिशनल एसपी अजातशत्रु बहादुर सिंह और सिटी एसपी नीरज चंद्राकर ने भी उरकुरा पहुंचकर घटनास्थल को देखा। अफसर खुद हैरान हैं कि आखिर दरवाजा खोलकर क्यों छोटी बच्ची का अपहरण किया गया। पूरे मामले में बड़े संगठित गिरोह का हाथ होने का शक है। इस वजह से हाई प्रोफाइल केस मानकर जांच की जा रही है। पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच ने अपनी पूरी टीम लगा दी है। उरकुरा इलाके के एक-एक संदिग्ध को बुलाकर उससे पूछताछ की जा रही है।
यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बच्ची के घर दरवाजा खोलकर कौन घुसा। अफसरों को इस मामले में उसी बस्ती के किसी न किसी के शामिल होने का शक है। सोमवार देर शाम तक की पड़ताल के दौरान यह बात सामने आई है कि लोकल लिंक के जरिये ही यह मालूम किया गया कि बच्ची के घर पर किस समय कोई नहीं है और उसी समय घुसकर उसका अपहरण किया गया।
बेटे के साथ बाहर गई मां और काम पर गए थे बच्ची के पिता
खमतराई थाना प्रभारी सपन चौधरी ने बताया कि उरकुरा के मठपारा में रहने वाले तिलकराम लोधी अपनी पत्नी और लोगों के साथ रोते हुए थाने पहुंचे। वे सुबह ड्यूटी पर चले गए थे। घर में पत्नी राजकुमारी दोनों बच्चे तीन साल के बेटे और तीन माह की बेटी हेम पुष्पा के साथ थी। सुबह सवा दस बजे उनकी पत्नी बच्ची को कमरे में सुलाकर बाहर से दरवाजा लगाकर मोहल्ले में कहीं चली गई।
फेरीवालों के साथ संदेहियों पर रखी जा रही नजर
पुलिस इलाके में घूमने वाले फेरीवालों के साथ बाहरी लोगों की धरपकड़ कर उनसे पूछताछ कर रही है। इसके अलावा आसपास के मोहल्ले और कॉलोनी में जाने वाले रास्ते में रहने वालों और दुकानवालों से जानकारी ली जा रही है। पुलिस शहर के अन्य थाने के साथ रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड में नजर रखी जा रही है।
मकान के सामने की किराना दुकान थी बंद : जिस मकान से बच्ची गायब हुई है, उसके सामने ही एक किराना दुकान है, लेकिन घटना के समय वह बंद थी। पुलिस की प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया कि जिस दौरान बच्ची गायब हुई थी, उस दौरान मोहल्ले के अधिकतर लोग काम पर चले गए थे। किसी ने उसे ले जाते हुए नहीं देखा।
सप्ताहभर पहले जबलपुर में भी हुई ऐसी घटना
रायपुर के जैसे ही जबलपुर के सिविल लाइन क्षेत्र से सात सितंबर की सुबह व्यवसायी लकी आहुजा की पांच महीने की बच्ची आरोही के लापता होने का मामला सामने आया था। आरोही की मम्मी सुबह आठ बजे बच्ची को कमरे में सुलाकर मॉर्निंग वॉक के लिए निकली थी। 15 मिनट बाद जब वह वापस आईं तो बच्ची कमरे में नहीं थी। कोई उसे घर के अंदर से उठाकर ले गया। अब तक कोई सुराग नहीं मिला।