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मामा बनकर टॉफी दिलाई फिर बच्चे को ले गया

8 वर्ष पहले
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बिलासपुर. सरकंडा जबड़ापारा से एक दिन पहले गुरुवार को गायब हुए 8 साल के बालक की पतासाजी में जुटी पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। एक दुकानदार ने उसे किसी युवक के साथ जाते देखा है। वह मासूम को चाकलेट दिलाने उसके दुकान आया तो शक के आधार पर दोनों के पूछताछ की थी। पुलिस उस कथित मामा की तलाश में है। मासूम के अपहरण की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल तलाश के लिए दो अलग अलग टीम भेजी गई है।
सरकंडा जबड़ापारा इरानी मोहल्ला निवासी महेश राजपूत का 8 वर्षीय बेटा तुषार राजपूत गुरुवार से लापता है। खोजबीन में जुटी पुलिस को अहम सुराग मिला है। घटना के दिन सुबह 12 बजे मुक्तिधाम चौक के पास एक दुकान में बच्चे को युवक के साथ देखा था। दोनों उनकी दुकान में आए थे। बच्च स्कूल बैग रखा था और युवक उसके लिए टाफी खरीदने दुकान में रुका था। दुकानदार को संदेह हुआ तो युवक से पूछ लिया। युवक ने बच्चे को अपना भांजा बताया था। बच्च भी युवक को मामा कह रहा था। जानकारी मिलते ही पुलिस ने बच्चे के पिता से मिले और उनके परिजनों की नाम पते लिए। पुलिस पतासाजी के लिए दो टीम रवाना कर दी है। बच्चे की अपहरण की भी आशंका है। फिलहाल पुलिस जांच में जुट गई है।
पिता व मां ने कर ली दूसरी शादी
मामा के लिए परेशान तुषार की मां ने दूसरी शादी कर ली। इधर पिता ने भी अपना ब्याह रचा लिया। तुषार वर्तमान में उसी के पास है। सौतेली मां उसकी देखरेख करती है। तुषार का मामा गांव बिल्हा के पास उमरिया में है। यहां उसकी नानी रहती है और वह तुषार से मिलने आती जाती है। यहां उसके मामा भी रहते हैं। इधर तुषार के सौतेली मां के भाई भी है। वह दुर्ग जिले के जेबा गांव में रहते हैं। तुषार उन्हें भी मामा कहता है। सरकंडा पुलिस की टीम दोनों स्थानों
पर पता लगाने निकली है।
बिना बताए ले जाने पर आशंका
इधर यदि तुषार का मामा मासूम को अपने साथ लेकर गया तो वह घर क्यों नहीं आया? तुषार के पिता को बिना बताए ले जाने पर भी तरह तरह की आशंका सामने आ रही है। पुलिस इस मामले को अपहरण की आशंका से जोड़कर भी देख रही है।