महासमुंद. महासमुंद को प्रीमिटिव ट्राइब जिला बताकर जनपद के अफसरों अपने चहेतों को सहायक शिक्षक (पंचायत) की नौकरी दे दी है। ट्राइबल जिलों के लिए लागू सीधी भर्ती योजना से लाभांन्वित यहां के पांच स्कूलों में पदस्थ उम्मीदवार कहां के मूल रहवासी हैं यह भी आदेश में स्पष्ट नहीं है। इन पदों के लिए विभाग ने आवेदन तक आमंत्रित करना उचित नहीं समझा है। फर्जीवाड़े को अंजाम देने के लिए अधिकारियों ने सारी प्रक्रिया गुपचुप तरीके से ही निपटा ली है।
फर्जीवाड़े का खुलासा इससे भी होता है जिसमें महासमुंद जनपद के सीईओ ने 05 नवंबर को आदेश जारी करते हुए कहा है कि वे सब 20 जुलाई तक संबंधित स्कूल में अपनी उपस्थिति देवें। शासन ने ऐसे अभ्यर्थी जो ट्राइबल जिला और विशेष जनजातीय समूह के अंतर्गत आते हैं को दो साल में व्यवसायिक योग्यता साबित करने का मौका देती है लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
अफसरों की दरियादिली नियुक्त अभ्यार्थियों के प्रति सहज ही देखी जा सकती है जिसमें इस योग्यता को हासिल करने के लिए उन्हें पांच साल का समय दिया जा रहा है।
घर से बुलाकर दे दी गई नौकरी
नियुक्ति के लिए जारी आदेश में महासमुंद जनपद के आला अधिकारियों ने उम्मीदवारों के मूल निवास को भी छिपाया है। सीधे अभ्यर्थी के नाम से नियुक्ति पत्र दिया गया है। 05 नवंबर को जारी आदेश 5238 के अनुसार शौलेंद्री नागे/तीरथराम को प्राथमिक शाला बेलपारा(चौकबेड़ा), रामकुमार पहाडिया/देवलाल पहाडिया को प्राथमिक शाला भावा (रामपुर), पूर्णिमा भुंजिया/लखनलाल को प्राथमिक शाला मुडियाडीह, लक्ष्मीकांत कमार/फीरतूराम कमार को प्राथमिक शाला नवापारा सिंधौरी और प्रकाश नागे/नरेश नागे को प्राथमिक शाला रामाडबरी के लिए नियुक्त किया गया है।
यह है नियम
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने बीते 20 जनवरी को सर्कुलर में सहा. शिक्षक (पंचायत) के रिक्त पदों में भर्ती के लिए अनुसूचित जनजातीय समूह के लोगों को योग्यता में छूट दी। यह केवल प्रीमिटिव ट्राइबल जिले के लिए था।
सर्कुलर के मुताबिक इस वर्ग के उम्मीदवारों को हायर सेकंडरी की योग्यता पर अनुसूचित जनजातीय जिलों में सीधी भर्ती से नियुक्ति देने का प्रावधान है। दूसरे जिलों में इस वर्ग के उम्मीदवारों को अजजा आरक्षण नियमों के तहत नियुक्ति दी जानी है, जिसमें बीएड और डीएड के साथ टीईटी की योग्यता अनिवार्य है, लेकिन महासमुंद में इसकी घोर अनदेखी की गई है।
महासमुंद प्रीमिटिव ट्राइबल जिला नहीं है। शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत मिली है। कार्रवाई की जाएगी। एसएन राठौर,सीईओ, जिला पंचायत महासमुंद