पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Vacates Stay, 82 Junior Doctors Meet Mekahara

रोक हटी, मेकाहारा को मिलेंगे 82 जूनियर डॉक्टर

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
नई दिल्ली/रायपुर. सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल की प्रवेश परीक्षाओं के परिणाम जारी करने पर लगी रोक हटा ली है। अब राज्य परिणाम घोषित करने के साथ ही सफल उम्मीदवारों को मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश भी दे सकेंगे। इस फैसले के बाद अब आंबेडकर अस्पताल (मेकाहारा) को 82 नए जूनियर डाक्टर मिलेंगे। उधर, शीर्ष अदालत ने राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा (नीट) की वैधता पर फैसला चार जुलाई तक टाल दिया है।
चीफ जस्टिस अल्तमस कबीर, जस्टिस अनिल आर दवे और विक्रमजीत सेन की बेंच ने कहा कि चूंकि कोर्ट निर्धारित अवधि के भीतर इस मसले पर सुनवाई पूरी नहीं कर सका है, इसलिए छात्रों तथा अस्पतालों के हित को ध्यान में रखते हुए पिछले आदेश में संशोधन किया जा रहा है। कोर्ट के फैसले का लाभ छत्तीसगढ़ को भी मिलेगा। रायपुर के पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने नवंबर में नीट के जरिये पीजी की 82 सीटों के लिए परीक्षा ली थी।
नतीजों पर रोक के बाद परिणाम घोषित नहीं किया जा सका था।
इससे आंबेडकर अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों की नई बैच नहीं आ सकी थी। इस दौरान पुरानी बैच के जूनियर डॉक्टरों ने परीक्षा पास कर ली और वे अस्पताल से रिलीव होकर चले गए। इससे अस्पताल में डॉक्टरों की कमी हो गई। अब नतीजे जारी होने के बाद ८२ चयनित उम्मीदवारों को प्रवेश मिल जाएगा और जूनियर डॉक्टरों की कमी दूर हो जाएगी।
कोर्ट ने कहा कि अस्पतालों के हितों को भी ध्यान में रखना होगा क्योंकि पोस्ट ग्रेजुएट छात्र ही प्रवेश के बाद मरीजों की देखभाल की ड्यूटी में तैनात किए जाते हैं। बेंच ने कहा, छात्रों और अस्पतालों के हित में हम अपने 13 दिसंबर, 2012 के आदेश में सुधार करके पहले ही आयोजित हो चुकी परीक्षाओं के नतीजे घोषित करने की इजाजत देते हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जहां अभी तक परीक्षाएं नहीं हुई हैं, उनके बारे में कुछ नहीं कहा जा रहा है।
नतीजों पर रोक के बाद परिणाम घोषित नहीं किया जा सका था। इससे आंबेडकर अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों की नई बैच नहीं आ सकी थी। इस दौरान पुरानी बैच के जूनियर डॉक्टरों ने परीक्षा पास कर ली और वे अस्पताल से रिलीव होकर चले गए। इससे अस्पताल में डॉक्टरों की कमी हो गई। अब नतीजे जारी होने के बाद ८२ चयनित उम्मीदवारों को प्रवेश मिल जाएगा और जूनियर डॉक्टरों की कमी दूर हो जाएगी।
कोर्ट ने कहा कि अस्पतालों के हितों को भी ध्यान में रखना होगा क्योंकि पोस्ट ग्रेजुएट छात्र ही प्रवेश के बाद मरीजों की देखभाल की ड्यूटी में तैनात किए जाते हैं। बेंच ने कहा, छात्रों और अस्पतालों के हित में हम अपने 13 दिसंबर, 2012 के आदेश में सुधार करके पहले ही आयोजित हो चुकी परीक्षाओं के नतीजे घोषित करने की इजाजत देते हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जहां अभी तक परीक्षाएं नहीं हुई हैं, उनके बारे में कुछ नहीं कहा जा रहा है।