रायपुर. राजधानी में भाजपा और कांग्रेस की पार्षद टिकट के लिए दो दर्जन से ज्यादा वार्डों में घमासान चरम पर पहुंच गया है। दोनों ही दल अगले तीन-चार में पार्षदों की उम्मीदवारी की घोषणा कर देंगे, लेकिन अपनी टिकट पक्की करने के लिए उम्मीदवारों ने रायपुर से लेकर दिल्ली तक एक कर दिया है। सबसे ज्यादा खींचतान सामान्य (अनारक्षित) तथा सामान्य महिला के लिए आरक्षित वार्डों में है।
हालात ये हैं कि इन वार्डों में दोनों ही दलों को कम से कम एक-एक ताकतवर बागी प्रत्याशी की कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। वजह ये है कि दावेदारों ने ही चेतावनी देनी शुरू कर दी है कि टिकट नहीं मिला तो वे निर्दलीय ही मैदान में उतर जाएंगे।
राजधानी के सामान्य और महिलाओं के लिए आरक्षित वार्ड में सबसे ज्यादा उम्मीदवारों के नाम सामने आ रहे हैं। दूसरे वर्ग के लिए आरक्षित वार्डों में उम्मीदवारों की संख्या कम है। सामान्य वार्डों में कांग्रेस और भाजपा से चार या ज्यादा उम्मीदवारों के नाम सामने आए हैं। अधिकांश वार्डों के ऐसे बड़े पैनल में एक मौजूदा पार्षद के अलावा दो-तीन पूर्व पार्षद भी हैं, जिन्होंने टिकट के लिए जी-जान लगा दी है। कुछ वार्डों में तो दोनों ही दलों से छह-छह तक उम्मीदवार हैं। सब टिकट के प्रति इतने आश्वस्त हैं कि अभी से इनके बैनर-पोस्टर वार्डों में लग रहे हैं।
वे अपनी पत्नी या फिर दूसरे रिश्तेदारों को टिकट दिलाने के लिए बड़े नेताओं के बंगलों के चक्कर काट रहे हैं।
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