रायपुर. नक्सलियों ने विकास यात्रा के दौरान प्रदेश के चार बड़े नेताओं की बस्तर में इंट्री बैन कर दी है। नक्सलियों ने पीएचई मंत्री केदार कश्यप, विधायक भीमा मंडावी व तीन अन्य नेताओं के नाम लिखा ई-मेल एसआईबी (स्पेशल इंटेलिजेंस ब्यूरो) को भेजा है। इसके बाद पांचों नेताओं की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। साथ ही सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम के बिना घर से न निकलने की हिदायत दी गई है।
टीसीओसी (टैक्टिकल काउंटर ओफेंसिव कैंपेन)सप्ताह के दौरान साउथ बस्तर डिविजनल कमेटी माओवाद के प्रमुख रमन्ना की ओर से गणोशा ने यह ई-मेल किया है। चारों नेताओं को विकास यात्रा के दौरान बस्तर में घुसने पर हमले की धमकी दी गई है।
20-30 किमी दूर-दूर तक पुलिस का घेरा : ऐसे संकेत मिले हैं कि नक्सलियों ने यह धमकी पिछले दिनों मुठभेड़ में मारे गए उनके साथियों के बाद दी है। नक्सली बदला लेने की ताक में हैं। उन्हें उनके पोलित ब्यूरो मेंबर की ओर से किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के निर्देश दिए गए हैं। विकास यात्रा को नक्सलियों ने पहले से टार्गेट बनाया हुआ है। इस दौरान उन्होंने जंगल से लगे गांवों के आसपास के रास्तों पर गड्ढे कर वहां अपने झंडे-बैनर लगाए हैं। ऐसी आशंका है कि कई स्थानांे पर सुरंगें भी बिछाई गई है, लेकिन विकास यात्रा के दौरान पुलिस की रोड ओपनिंग पार्टी बराबर रास्तों पर नजर रखे हुए है। विकास यात्रा की 20-30 किमी दूर तक पुलिस की टीमें सुरक्षा कर रही हैं। जहां भी यात्रा पहुंच रही है उसके आसपास के 20-20 गांवों को पुलिस ने छावनी में तब्दील कर दिया है।
पिछले साल धमकी के बाद हत्या, अपहरण
सालभर पहले ग्राम सुराज का विरोध करते हुए नक्सलियों ने वारदात की धमकी दी थी। इसी दौरान उन्होंने गार्ड की हत्या कर कलेक्टर एलेक्स पॉल मेनन का अपहरण कर लिया था। इसके कुछ दिनों बाद बस्तर में ही लता उसेंडी के बंगले में भी नक्सलियों ने हमला किया था। इसी तरह दो और नेताओं पर नक्सलियों के स्मॉल एक्शन ग्रुप की टीम ने नेताओं पर हमले किए हैं। इस लिहाज से पुलिस इस धमकी को गंभीरता से ले रही है।
बढ़ा दी गई सुरक्षा
नक्सलियों के नाम से ई-मेल से धमकी मिली है। पांचों नेताओं को अलर्ट रहने को कहा गया है। उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
रामनिवास, डीजीपी,