रायपुर. जीई रोड पर तेलीबांधा तालाब के पार से लगे होटल ब्रिस्टल इन होटल को तोड़ने के लिए पहुंची सरकारी टीम को कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। जैसे ही बुलडोजर ने बाउंड्री गिराई और होटल में तोड़फोड़ शुरू की, होटल संचालक के बेटे सनी चड्ढा ने खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया और माचिस उठा ली। इससे सनसनी फैली ही थी कि अचानक होटल संचालक के वकील का फोन आया कि मामला कोर्ट में है और स्टे की वजह से कार्रवाई नहीं की जा सकती। इसके बाद तोड़फोड़ टीम लौट गई तथा पुलिस पेट्रोल डालने वाले युवक सनी चड्ढा को लेकर थाने चली गई। शाम तक थाने में निगम के दस्ते ने कोई रिपोर्ट नहीं लिखाई, इसलिए युवक को भी छोड़ दिया गया।
तालाब के किनारे की पांच लीज (पट्टों) को प्रशासन ने दो दिन पहले ही निरस्त किया है। इसके बाद से ही संभावना जताई जा रही थी कि पट्टे निरस्त होने की वजह से सभी कब्जे हटा दिए जाएंगे। कलेक्टर ठाकुर रामसिंह के निर्देश पर जिला प्रशासन और निगम का तोड़फोड़ दस्ता सुबह 11 बजे बुलडोजर और पुलिस लेकर पहुंच गया। जाते ही पुलिस की मदद से सभी परिसर खाली कराए गए और तोड़फोड़ शुरू हो गई।
बाउंड्रीवाल के बाद निगम के दस्ते ने होटल में तोड़फोड़ शुरू ही की थी कि होटल संचालक गुरविंदर चड्ढा के बेटे सनी चड्ढा ने लॉन में हुड़दंग मचाई और खुद पर पेट्रोल डाल लिया। इसके बाद उसने खुद को जलाने की कोशिश की, तब पुलिस ने उसे दबोच लिया। यह खबर फैलते ही तेलीबांधा तालाब के सामने खासी भीड़ लगी और ट्रैफिक जाम हो गया। आधा घंटे के घटनाक्रम के बाद करीब साढ़े 12 बजे सनी को पुलिस तेलीबांधा थाने ले गई।
इस बीच, होटल संचालक के वकील ने अफसरों को फोन कर बताया कि तोड़फोड़ नहीं की जा सकती क्योंकि स्टे है और मामला अदालत में विचाराधीन है। वकील ने अफसरों को ये भी बताया कि पूरे दस्तावेज कुछ देर में उपलब्ध करा दिए जाएंगे। यह जानने के बाद तोड़फोड़ दस्ता ठंडा पड़ गया। अधूरी तोड़फोड़ के बाद टीम सामान समेटकर लौट गई। उधर, पुलिस ने सनी चड्ढा को थाने ले जाने से पहले निगम अफसरों से कहा था कि उनकी तरफ से रिपोर्ट होनी चाहिए।
शाम तक रिपोर्ट नहीं लिखाई गई, इसलिए थाने से युवक को भी छोड़ दिया गया।
बनाई जाएगी पार्किंग
अफसरों ने बताया कि शासन ने पट्टों को निरस्त कर दिया था, इसीलिए दस्ते को तोड़फोड़ करने के लिए भेजा गया था। अफसरों को यह जानकारी ही नहीं थी कि यहां हुए निर्माण का मामला अदालत में चल रहा है और कार्रवाई पर स्थगन है। अफसरों के मुताबिक तेलीबांधा तालाब का सौंदर्यीकरण पूरा हो गया है। जिस हिस्से में होटल और अस्पताल है, वहां पार्किंग बनाई जानी है। इसीलिए जगह खाली कराई जा रही है। गौरतलब है, सरकारी दस्तावेजों में यह पूरी जगह तालाब के पार के रूप में दर्ज है।
घंटेभर चला घटनाक्रम
कब्जों को तोड़ने के लिए जब नगर निगम के बुलडोजरों ने बाउंड्रीवाल को तोड़ना शुरु किया तो सभी पट्टेधारियों ने विरोध शुरु कर दिया। युवक के पेट्रोल छिड़कने के बाद तो जीई रोड पर तेलीबांधा के सैकड़ों लोग इकट्ठा हो गए। स्टे की सूचना के बाद कार्रवाई रोकी जरूर गई, लेकिन देर शाम तक होटल और आसपास फोर्स तैनात रही।
पट्टा था रेसिडेंशियल
तालाब के किनारे रहवासी (रेसिडेंशियल) पट्टे दिए गए थे। सभी पट्टेधारी इसके तहत मिली जमीन का व्यवसायिक उपयोग कर रहे हैं। यहां 14 हजार 627 वर्गफीट जमीन पर 2034 तक के लिए पट्टे आवंटित हैं। गुरविंदर सिंह चड्डा के नाम पर 4500 वर्गफीट, उनकी पत्नी मारिया चड्डा के नाम पर 4725 वर्गफीट, किरण एक्का के नाम पर 2052 वर्गफीट, मोहनलाल दुलानी के नाम पर 2350 वर्गफीट और कोड़ामल के नाम पर 1000 वर्गफीट जमीन का पट्टा है। शासन ने दो दिन पहले सभी पट्टे निरस्त किए हैं।