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शादी में नहीं बजेगा डीजे, मृत्युभोज पर भी पाबंदी

5 वर्ष पहले
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सुप्रीम कोर्ट ने डीजे और लाउड स्पीकर के शोर प्रतिबंध लगाया तो जिला सिंधी पंचायत ने इस आदेश का स्वागत करते हुए बड़ा संकल्प ले लिया। अब समाज में होने वाली शादियों मं डीजे नहीं बजेगा। इसी के साथ एक और फैसला मृत्युभोज पर प्रतिबंध का लिया गया है।

पदाधिकारियों ने बताया कि समाज के सदस्यों ने शादी व अन्य कार्यक्रमों में डीजे पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। अब विवाह समारोह सुबह 10 से दोपहर 3 बजे तक निपटा लिए जाएंगे ताकि रात में लाइटों पर होने वाला खर्च बचे और बिजली की बचत भी हो। दिन में शादी होने पर जनरेटर, झालर लाइट, पटाखे व अन्य चीजों का भी उपयोग नहीं होगा। मृत्युभोज की परंपरा खत्म होने के बाद समाज के गरीब परिवारों को भोजन कराने के लिए कर्ज नहीं लेना पड़ेगा। इस पहल को अब प्रदेश के अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा।

भवन किराए पर लिए तो करना पड़ेगा पालन

समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि लालबाग स्थित सिंधु भवन को अन्य समाज के लोग यदि किराए पर लेते हैं तो वे भी डीजे व मांस-मदिरा का उपयोग नहीं कर सकेंगे। बताया गया कि उन्हें भी समाज के इस निर्णय का पालन करना पड़ेगा। इससे समाज में हर्ष व्याप्त है।

राजनांदगांव. सिंधी पंचायत के अध्यक्ष अर्जुनदास पंजवानी ने इसकी जानकारी दी।

पदाधिकारियों ने बताया-इस तरह होगा कार्यक्रम
गुरूदेव श्री बाबाजी महाराज की पुण्यतिथि पर मंगलवार शाम 6 बजे दुर्गा मंदिर में संगीतमय भजनों का आयोजन किया जाएगा। बुधवार को सुबह 7 बजे श्रीदेव आवाहन, मॉ सरस्वती पूजन, गुरूदेव वंदन, हवन पूजन और लालबाग स्थित शिव मंदिर में सुबह 9 बजे शिवजी का अभिषेक पूजन, महाआरती होगी। इसके बाद जनेउ संस्कार में शामिल होने वाले बच्चों का शोभा यात्रा भी निकाली जाएगी।

उपनयन संस्कार में चार राज्यों आएंगे 3000 लोग
सिंधी समाज के द्वारा श्री गुरुदेव बाबाजी महाराज की 13वीं बरसी पर बुधवार को 100 बच्चों का निशुल्क जनेउ संस्कार किया जाएगा। अब तक 90 से अधिक बच्चों का पंजीयन भी हो चुका है। इसमें शहर के 40 बच्चों का पंजीयन हुआ है। कार्यक्रम में महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, उड़ीसा, और छत्तीसगढ़ से 3000 से अधिक लोग शामिल होंगे। कार्यक्रम में शामिल होने वाले सभी बच्चों को निशुल्क स्मृतिवर्धक औषधी का वितरण भी किया जाएगा। इससे पढ़ने वाले बच्चों की याददाश्त काफी तेज होने से परीक्षा परिणाम भी बेहतर आता है। रुकने व खाने की निशुल्क व्यवस्था की गई है।

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