रानी सागर व बूढ़ा सागर का जलस्तर घटा, बढ़ी गंदगी
इस बार रानीसागर का जलस्तर फरवरी में काफी घट गया है। स्तर घटने की वजह से तालाब के किनारे गंदगी बढ़ती जा रही है। इससे आसपास बदबू भी फैल रही है। तालाब किनारे चौपाटी है, जहां शहर का एक बड़ा वर्ग मनोरंजन के लिए आता है। तालाब में पानी कम होने और गंदगी बढ़ने से इसका आकर्षण कम हो रहा है। बारिश कम होने की वजह से बूढ़ा सागर में जल स्तर की कमी दिखाई दे रही है। यहां पर मछली पालन में काफी समस्या होगी। मत्स्य विभाग के अफसरों ने बताया कि मछली पालन के लिए अभी पर्याप्त पानी है, नालों से गंदा पानी आने से गंदगी बढ़ती जा रही है।
राजनांदगांव|शहर के रानीसागर का जल स्तर गर्मी से पहले लगातार घटते जा रहा है।
रोक रहे हैं गंदा पानी
तालाब में पानी नालियों की पानी को रोकने के लिए पहल की जा रही है। वर्तमान समय में चौपाटी के तालाब में नाले से आने वाले पानी को रोकने के लिए व्यवस्था की गई है। दीपक जोशी, ईई नगर निगम
मछली पालन इस बार प्रभावित होगा
तालाब का पानी अपने निम्न स्तर से भी नीचे
बताया गया कि तालाब की क्षमता 9.18 मीटर क्यूसेक है, जो वर्तमान समय में निम्न स्तर से नीचे चला गया है। अप्रैल-मई में यहां पर जल स्तर और गिर सकता है। आसपास स्थित बस्तियों के ज्यादातर लोग इस तालाब के पानी का उपयोग करते है। अगर इसी तरह तालाब सूखता गया तो निस्तारी में भी दिक्कत होगी।
फिल्टर नहीं हो पाई गंदगी
इस बार कम बारिश होने की वजह से तालाब की गंदगी फिल्टर नहीं हो पाई है। गंदगी की वजह से मछलियों को ऑक्सीजन नहीं मिल पाता। इस वजह से मछलियां मरने लगती हैं। इस बार बूढ़ा सागर तालाब में मछली पालन करने में काफी दिक्कत होगी। आरके बंजारे, सहायक संचालक, मत्स्य विभाग