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एकजुटता से मजबूत होगा समाज

5 वर्ष पहले
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तीन दिवसीय राष्ट्रीय हिंदू सदभाव संगम में शामिल होने जनसैलाब उमड़ पड़ा है। पहले दिन से ही वनांचल के कोने-कोने से बहुसंख्यक हिन्दू समाज महासम्मेलन में अपनी प्रभावी उपस्थिति दर्ज करा रहा हैं। यज्ञ स्थल में निरंतर धार्मिक अनुष्ठान एवं सम्मेलन स्थल में समाज को संगठित करने के लिए हिंदुओं को गौरवशाली संस्कृति एवं परंपराओं का बोध कराया जा रहा है।

यज्ञ स्थल में परिक्रमा के लिए महिलाओं का तांता: सदभाव संगम में चल रहे रूद्र महायज्ञ में परिक्रमा के लिए सुबह से ही लोगों की भीड़ उमड़ जाती है। खास बात यह है कि यज्ञ स्थल में परिक्रमा के लिए महिला वर्ग का तांता देर रात तक लगा रहता है। रूद्र महायज्ञ विद्वान ब्राम्हणों के मार्गदर्शन में स्थानीय पंडितों द्वारा संपन्न कराया जा रहा है। यज्ञ पिछले 48 घंटे से निरंतर जारी है, यज्ञस्थल में 551 जोड़े यजमान की भूमिका में धार्मिक कार्य कर रहे हैं।

सांस्कृतिक कार्यक्रम में भी उमड़ी भीड़: हिन्दू सम्मेलन में प्रतिदिन रात्रि में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां हो रही हैं। सांस्कृतिक संध्या के पहले दिन राजनांदगांव की लोक गायिका कविता वासनिक की टीम ने सम्मेलन में आए लोगों का सांस्कृतिक मनोरंजन कर लोगों को छत्तीसगढ़ी एवं हिन्दू संस्कृति एवं परंपराओं से परिचित कराया। बताया गया कि रविवार को अंतिम दिन राज्य की ख्यातिप्राप्त लोक कला मंच लोकरंग अर्जुंदा की प्रस्तुति होगी।

राष्ट्रीय सम्मेलन में 48 घंटे से भंडारा अनवरत जारी
राष्ट्रीय हिन्दू सदभाव संगम में शुक्रवार सुबह से सम्मेलन स्थल में भंडारा जारी है। पिछले 48 घंटे में भंडारा में 30 हजार से अधिक हिंदुओं ने भोजन प्रसादी ग्रहण किया है। आयोजकों की माने तो भंडारा में भोजन की व्यवस्था हिंदू समाज ने किया है। प्रसाद वितरण सहित भोजन प्रबंध व अन्य सभी व्यवस्थाएं हिन्दू समाज के स्थानीय कर्ताधर्ता देख रहे हैं।

सम्मेलन के मद्देनजर आज नगर बंद का आहवान
विहिप ने तीन दिवसीय राष्ट्रीय हिन्दू सदभाव संगम के मद्देनजर सर्व हिन्दू समाज एवं अन्य वर्ग से रविवार को नगर बंद का आहवान किया है। व्यापारी संघ ने नगर में हो रहे राष्ट्रीय आयोजन को देखते हुए नगर बंद का पूर्ण समर्थन करते हुए सभी व्यवासियों से एक दिवस के लिए अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद रखने का आहवान किया है।

राजा महाराजाओं का किया जाएगा सम्मान
राष्ट्रीय हिन्दू सदभाव संगम के अंतिम दिन प्रदेश के राजा-महाराजाओं एवं समाज को जोड़ने वाले विभूतियों का सम्मान किया जाएगा। बताया गया कि आयोजक समिति ने बताया कि सम्मेलन में रविवार को बस्तर के महाराज कमलचंद भंजदेव, रायगढ नरेश देवेन्द्र प्रताप सिंह, जशपुर के राजा रणविजय सिंह, चौकी के युवराज संजीव शाह तथा हैदराबाद के टी. राजा एवं अयोध्या के संत रामानुजचार्य का आगमन होगा।

आदिवासी हिंदू समाज का मेरूदंड: साय
सम्मेलन पहुंचे सांसद नंदकुमार साय ने कहा कि आदिवासी समाज सदैव से हिंदू समाज का मेरूदंड रहा है और रहेगा। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज सनातन से प्रकृति पूजा से जुड़ा रहा है और आज भी प्रकृति की सबसे अधिक पूजा आदिवासी समाज ही करता है। मुख्य वक्ता संत वासुदेवानंद ने समाज के टूटने का कारण छुआछूत को बताया। उन्होंने कहा कि समाज को जोड़ने के लिए हमें हिंदुओं के आध्यात्म ज्ञान को जगाना होगा।

संगम में आयोजन समिति द्वारा भंडारा कराया जा रहा है।

अंबागढ़ चौकी|राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन में हजारों की संख्या में लोग वनांचल के साथ-साथ अन्य प्रदेशों से पहुंचे।

मंच पर धर्माचार्यों ने किया गंभीर मंथन
सम्मेलन के दूसरे दिन 13 फरवरी को धर्माचार्यों का एक दिवसीय सम्मेलन हुआ। इस महासम्मेलन में वनांचल के गांव-गांव से आए पंडितों, पुजारियों एवं बैगाओं ने समाज की मजबूती के लिए बेबाकी से अपने विचार रखे। सभी वक्ताओं ने खंड खंंड में बटे हिंदुओं को एकजुट होने पर बल दिया। धर्माचार्य सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में बस्तर से आए भ्रदा समाज के संत वासुदेवानंद, बिसरा राम यादव, विधायक भोजराज नाग, मेहतरूराम नेताम आदि मौजूद रहे।

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