पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • सख्ती: नकल रोकने परीक्षा केंद्रों में लगाए जाएंगे जैमर

सख्ती: नकल रोकने परीक्षा केंद्रों में लगाए जाएंगे जैमर

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
कॉलेजों और विश्वविद्यालय की परीक्षा में मोबाइल व अन्य डिवाइस से होने वाली नकल रोकने के लिए इस बार जैमर का उपयोग किया जाएगा। इसके लिए यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) विश्वविद्यालय को इसके लिए आदेश भी जारी कर दिया है। स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा व सर्टिफिकेट कोर्स की परीक्षा में अब हाईटेक डिवाइज की मदद से छात्र नकल नहीं कर पाएंगे। इसके लिए इस बार हाई सिक्युरिटी जैमर का उपयोग किया जाएगा।

यूजीसी के आदेश के अनुसार सभी कॉलेजों में परीक्षा के समय जैमर लगाने की आदेश दिया गया है। बताया गया कि हर साल कॉलेज की परीक्षा में नकल करने वाले छात्रों की संख्या बढ़ती जा रही है। इसमें आधे से अधिक परीक्षार्थी मोबाइल व अन्य डिवाइज के द्वारा नकल करते पकड़ाए है। इसलिए इस बार परीक्षा केंद्रों में जैमर लगाने की आदेश दिया गया है।

ये है जैमर तकनीक: जैमर के द्वारा एक निश्चित जगह में रेडियो फ्रिक्वेंसी फैल जाती है। इससे मोबाइल और कम्युनिकेशन के अन्य डिवाइज काम नहीं करते। वर्तमान समय में आईआईटी, मेडिकल, रेलवे, एसएससी व सिविल सेवा की परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए जैमर का उपयोग किया जा जाता है। अब इसका उपयोग कॉलेज की वार्षिक परीक्षाओं में किया जाएगा।

राजनांदगांव| इस बार परीक्षा केंद्रों में लगाई जाएगी जैमर, अहतियात के तौर पर किया जा रहा काम।

सीसीटीवी के बावजूद केंद्रों में होती है नकल
सीसीटीवी लगाने के बावजूद नकल होती है। दरअसल सीसीटीवी से नियमित मॉनिटरिंग नहीं हो पाता है। इस वजह से विश्वविद्यालय और कॉलेज प्रबंधन सीसीटीवी लगाकर खानापूर्ति कर रहे हैं। नकल रोकने की पूरी जिम्मेदारी परीक्षा हॉल में मौजूद शिक्षकों पर आती है। कोई नकल करते पकड़ा जाए, तो शिक्षकों का जवाब देना पड़ता है कि छात्र के पास मोबाइल व अन्य डिवाइज कैसे आया।

निर्देश जारी किया गया
जैमर को लेकर यूजीसी का आदेश मिला है। इससे नकल रोकने में काफी मदद मिलेगी। जैमर लगाने के लिए सभी विश्वविद्यालय से संबंधित सभी कॉलेजों को निर्देश भी दे दिया गया है। एसके पांडेय, कुलपति, रविशंकर विश्वविद्यालय

खबरें और भी हैं...