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अमेरिकी पैटर्न पर दें उच्च शिक्षा तब आएगा सुधार

5 वर्ष पहले
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कॉलेजों में छात्रों को शारीरिक और मानसिक सुरक्षा दिया जाए। कॉलेजों में क्रियाशील और व्यवसाय मूलक शिक्षा देने से ही उच्च शिक्षा का स्तर और गुणवत्ता में सुधार आएगा। अमेरिका के पैटर्न पर हमारे यहां भी उच्च शिक्षा दी जानी चाहिए। इससे युवाओं को नौकरी की परेशानी नहीं आएगी। यह विचार साहित्यकार एवं शिक्षाविद् डॉ. गणेश खरे के हैं। अवसर था कमलादेवी राठी महिला महाविद्यालय में आयोजित कार्यशाला का।

13 फरवरी को रूसा के तहत कॉलेज में कार्यशाला हुई। इसमें उच्च शिक्षा का विस्तार एवं गुणवत्ता विषय पर शिक्षाविदों ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यशाल में शिक्षा गुणवत्ता बढ़ाने विचार और चिंतन किया गया। इस पूर्व सांसद प्रदीप गांधी ने उच्च शिक्षा में क्लस्टर अप्रोच पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि छात्राओं को स्टार्टअप कम्पनी बनानी चाहिए। कॉलेजों में उपलब्ध संसाधनों के आदान-प्रदान एवं छात्रों की रूचि अनुसार रोजगार मूलक कोर्स चलाने चाहिए। छात्रों में हुनर होगा तो वे बेरोजगार नहीं होंगे। जिला अधिवक्ता परिषद के अध्यक्ष एनके ठाकुर ने कहा कि शिक्षा से स्वदेशी, स्वावलंबन, स्वाभिमान एवं आर्थिक पुनर्रचना का विकास होना चाहिए। उच्च शिक्षा संस्थाओं में उच्च गुणवत्ता वाले शिक्षकों की ही नियुक्ति की जाए। कॉलेजों में शोध एवं अनुसंधान की व्यवस्था होनी चाहिए।

छात्राें को आत्मसुरक्षा के गुरू भी सिखाए गए
डॉ. सुषमा तिवारी ने क्षेत्र में आर्थिक विषमता बहुत है। एमएम समाजशास्त्र की छात्रा कु.नेहा पाण्डेय ने कहा कि कॉलेजों में छात्राओं को आत्मसुरक्षा, अनुशासन एवं आत्मविश्वास का गुर सिखाना चाहिए। छात्रसंघ अध्यक्ष कु.मेघा गेड़ाम ने कॉलेज को स्नातकोत्तर दर्जा दिलाने मांग की। विषयों में स्नातकोत्तर कक्षाएं खोलने की मांग की है। स्तर पर शुरू किया जाना चाहिए।भारती बंजारे ने कॉलेज में संसाधनों की कमी दूर करने कहा।

रूसा के तहत कमला कॉलेज में जुटे उच्च शिक्षा के जानकार
सुविधाओं पर दिया जोर: कार्यशाला में शिक्षाविदों ने छात्रों की सुविधाओं पर जोर दिया। यूनीफाइड कोर्स की वकालत की। डॉ.जीपी रात्रे ने विद्यार्थियों के लिए आधुनिक सुविधा वाले हॉस्टल होने चाहिए। कई छात्राएं दूर-दूर से शिक्षा ग्रहण करने आते है। डॉ.निवेदिता ए.लाल ने नियमित प्राध्यापकों की नियुक्ति, हाईटेक लाइब्रेरी और विद्यार्थी शिक्षक अनुपात 1ः25 करने पर जोर दिया। डॉ.नीता एस नायर ने शारीरिक शिक्षा का एक कालखंड कराने की बात कही।

राजनांदगांव। कमला कॉलज में कार्यशाला में शिक्षाविदों ने रखी अपनी राय।

लाइब्रेरी उच्च शिक्षा के लिए बेहद अावश्यक
ग्रंथालय की स्थापना भी उच्च शिक्षा विकास के लिए आवश्यक है। पढ़ाई, कोचिंग एवं अच्छे हॉस्टल जरूरी है। प्रो.आरपी दीक्षित ने कहा कि विधार्थी एवं शिक्षक संस्था की जान होते हैं। परीक्षा के माध्यम से अच्छे विद्यार्थियों का प्रवेश एवं अच्छे शिक्षकों नियुक्ति होना चाहिए। बच्चों को शिष्टाचार व इंटरनेट से अध्ययन का कराया जाना चाहिए। अनिल लुनिया ने कहा कि अभी राज्य में इंटरस्टेट माइग्रेशन है। इस राज्य के बच्चे दूसरे राज्य जा रहे हैं।

कार्यशाला
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