रूट बढ़े पर सुविधा के लिए दो माह इंतजार
शासन ने करोड़ों रुपए खर्च कर सिटी बस सुविधा शुरू की ताकि यात्रियों को इसका लाभ मिल सके, लेकिन प्रशासन की उदासीनता के चलते लोगों को इसका लाभ ठीक से नहीं मिल पा रहा है।
18 सिटी बस 3 माह से खड़ी है, जिसे प्रशासन अब तक शुरू तक नहीं करा पाया है। अब प्रशासन इन बसों को फिर से शुरू कराने के लिए इनका रूट बढ़ाने का प्रस्ताव बनाई है। आज कल में शासन को भेजा जाएगा। लेकिन स्वीकृति मिलने और फिर बढ़े हुए रूट का परमिट जारी होने में कम से कम दो माह का समय लगेगा।
इसके बाद ही सिटी बसें अपने बढ़े हुए रूट पर दौड़ेगी, लेकिन परमिट जारी नहीं हुआ है तब मुसाफिरों की सुविधाओं के लिए कोई पहल नहीं की गई है। हालांकि निगम आयुक्त का कहना है कि वे बार-बार बस संचालकों को सभी बस नियमित रूप से वर्तमान रूट में चलाने के निर्देश दे रहे हैं, लेकिन फिलहाल आयुक्त के निर्देश पर पहल नहीं हुई है। बीते 3 माह से 18 बसें खड़ी हैं। सिर्फ दो बस तुमड़ीबोड़ और भर्रेगांव रूट की ही चल रही हैं। बांकी बसों को चलाने के लिए प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा। इसलिए सिटी बस संचालकों ने रूट बढ़ने के बाद जब मुसाफिर बढ़ेंगे तब शुरू करने के इंतजार में बस खड़ी कर दिए हैं। संचालकों का कहना है कि छोटी रूट होने के कारण उन्हें मुसाफिर नहीं मिलते इस वजह से उनके नुकसान हो रहा है।
नहीं लगे जीपीएस सिस्टम
सिटी बसों में जीपीएस सिस्टम लगाया जाना था ताकि बसों की जानकारी कंट्रोल रूम के अलावा इंटरनेट पर भी देखी जा सकते। लेकिन प्रशासन ने आज तक यह सिस्टम नहीं लगवा पाया है। इसके लगाने से एक ओर जहां संचालक यह जान सकेंगे कि सिटी बस कहां खड़ी है। वहीं मुसाफिरों को भी इंटरनेट के माध्यम से पता चल जाएगा कि कौन सी बस कहां और कितने बजे कहां पहुंचेगी।
टिकट मशीन भी नहीं
सिटी बसों में टिकट मशीन भी होना चाहिए, लेकिन नहीं है। कंडक्टर को टिकट देने में आसानी हो। इसके लिए यह जरूरी है। यह सुविधा शुरू से मिलनी थी, लेकिन आज तक मशीन नहीं आया। कंडक्टर मेनुअल रसीद काट रहे हैं। सिटी बसों के लिए स्टापेज भी बनाया जाना था लेकिन नहीं बना है।
फिलहाल संचालकों को सख्त निर्देश दिए गए हंै
सिटी बसों के रूट बढ़ेंगे। आजकल में शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। करीब दो माह लग सकते हैं प्रोसेस में। तब तक सभी बसों को अपने वर्तमान रूट में नियमित चलेगी। संचालकों को सख्त निर्देश दिया गया है। बस नहीं चल रही है ऐसी शिकायत मिलने पर नोटिस जारी किया जाएगा व उचित कार्रवाई की जाएगी। जेके ध्रुव, निगम आयुक्त
नहीं लगी समय सारणी
सिटी बसों के शुरू होने से पहले ही शहर के प्रमुख स्थानों पर समय सारणी लगानी थी, लेकिन प्रशासन की उदासीनता के चलते कहीं पर कोई ऐसा बोर्ड व समय सारणी नहीं लगाई गई है, जिससे यह पता चल सके कि कौन सी बस कहां जाएगी व कहां पर कितने बजे मिलेगी। इससे कई बार यात्री असमंजस में नजर आते हैं। नए व पुराने बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन में भी ऐसी कोई जानकारी नहीं है, जबकि यहीं से अधिकांश बसों के रूट हैं।
सिटी बसों में भी नहीं है सुविधाएं।