खाते में जमा किए रुपए, लौटाया नहीं तो कर दी हत्या, फिर सरेंडर
मानपुर थाना क्षेत्र में 30 जनवरी की रात हुई हत्या का मामला सुलझ गया है। पुलिस मृतक का पता लगाने में ही जुटी थी कि आरोपी ने खुद ही आत्मसमर्पण कर दिया, जिसे गिरफ्तार कर पुलिस ने न्यायालय में पेश किया था। वहां से आरोपी लक्ष्मण पिता मानसाय बोगा को रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि मृतक मुन्ना उर्फ मोहन पूणे का रहने वाला है। आरोपी लक्ष्मण ने पुलिस को आत्मसमर्पण कर बताया कि मृतक उसका दोस्त है। वे मुंबई में बीते करीब तीन साल से एक साथ रोजी मजदूरी का काम कर रहे थे। दोनों जापान जाने के लिए रुपए जमा कर रहे थे। लक्ष्मण अपनी कमाई मृतक के बैंक खाते में जमा कर रहा था। लगभग चार से पांच लाख रुपए इकट्ठा भी कर लिए। ऐन वक्त में मोहन ने रुपए वापस नहीं किए। इसी बात का बदला लेने के लिए लक्ष्मण ने उसे गांव लाया और वहां उसकी हत्या कर दी।
कुछ दिनों पहले ग्राम तुरुम में एक अज्ञात लाश मिली, जिसकी हत्या कुल्हाड़ी से की गई थी। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने मौके से लाश बरामद कर उसका पोस्ट मार्टम कराया। पुलिस तब से मृतक का पता लगा रही थी। मृतक को गांव व आसपास में कोई नहीं पहचानता था। हत्या की गुत्थी को सुलझाना पुलिस के लिए टेढ़ी खीर बन गई थी।
आरोपी का जुड़वा भाई उसे सरेंडर कराने लाया: हत्या करने के बाद आरोपी लक्ष्मण मुंबई चला गया। वहां उसके जुड़वा भाई ने उसे हाल चाल पूछा तो उसने सबकुछ बता दिया। भाई ने उसे सरेंडर करने के लिए कहा और पुलिस को फोन कर इसकी सूचना दी। मंगलवार को आकर आरोपी ने सरेंडर कर दिया।