नीरी ने बताया: रानी सागर तालाब में कम हुई गंदगी
रानीसागर तालाब के पानी की जांच कर रही नीरी (नेशलन इनवायरमेंट इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट) की टीम ने गुरुवार को चौपाटी पहुंच कर फिर एक बार तालाब के पानी की जांच की। नागपुर से पहुंची नीरी की टीम ने बताया कि पिछले बार तालाब में बायो कैटलिस्ट (जैविक उत्प्रेरक) डाला गया था। उससे पानी के स्तर में काफी सुधार हुआ है। निर्धारित मापदंड के अनुसार पानी का पीएच मान 9 से कम होकर 7 हो गया है।
टीम ने बताया की इस बार भी बायो कैटलिस्ट डाला जाएगा। इससे पानी के बायोलॉजिकल ऑक्सीजन, केमिकल ऑक्सीजन और डिजाल्व ऑक्सीजन के स्तर को बढ़ाया जाएगा। इसके लिए कम से कम दो महीने का समय लगेगा। इस दौरान रानी सागर स्थित चौपाटी तालाब में नीरी इंस्टीट्यूट के प्रोफेसर प्रवीण मानेकर, शारदा साखरे, निगम आयुक्त जेके ध्रुव और निगम ईई दीपक जोशी मौजूद थे।
गंदा पानी रुकने से सुधरी व्यवस्था: बताया गया कि दो महीने पहले तालाब में नालियों से गंदा पानी आने की वजह से पानी की पीएच मान काफी बढ़ गया था। वर्तमान समय में शहर के नालियों से जो गंदा पानी आता है।