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अब कालेजों में सेमेस्टर से ही होगी पढ़ाई

7 वर्ष पहले
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रायगढ़। शहर के तीन कॉलेजों में फस्ट ईयर की पढ़ाई सेमेस्टर सिस्टम से ही कराई जाएगी। डिग्री कालेज के प्राचार्य ने बीयू प्रबंधन से इस साल सेमेस्टर सिस्टम नहीं लागू करने की मांग की थी, जिससे मानने से प्रबंधन ने इनकार कर दिया है। बीयू ने शहर के डिग्री कालेज, पीडी कामर्स कालेज और गर्ल्स कालेज में प्रथम साल की पढ़ाई सेमेस्टर सिस्टम से कराने का फरमान जारी किया था। संसाधनों की कमी के चलते तीनों कालेज सेमेस्टर सिस्टम से पढ़ाई करने पर असमर्थता जा रहे थे।
प्राचार्य डॉ अतुल श्रीवास्तव ने बीयू से सेमेस्टर लागू नहीं करने की मांग की थी, लेकिन शिक्षा में गुणवत्ता की बात करने हुए बीयू ने कॉलेज में प्रथम वर्ष की सभी कक्षाएं इसी प्रणाली से कराने के लिए कहा है। ऐसे में तीनों प्रमुख कॉलेजों में प्रथम वर्ष के सभी विषयों की पढ़ाई सेमेस्टर प्रणाली से कराना प्राचार्यों की मजबूरी बन गई है। इस फैसले से कॉलेजों पर काम का दबाव और बढ़ गया है। अब कॉलेज प्रबंधन को हर छह माह में परीक्षाएं करानी पड़ेगी और प्रति माह इंटरनल एग्जाम भी लेना पड़ेगा।
परीक्षा परिणाम भी तय समय में घोषित करना पड़ेगा। इसके लिए बीयू ने सोमवार को बिलासपुर में इसके लिए अपने पाठ्यक्रम सभी कॉलेजों को सौंप दिए है। बीयू के मुताबिक पहले सेमेस्टर की परीक्षाएं दिसंबर दूसरे सेमेस्टर की परीक्षाएं अप्रैल तक खत्म कराए जाने तक के निर्देश दे दिए गए हैं।

प्रोफेसरों की कमी : तीनोंप्रमुख कॉलेजों में प्रोफेसरों की कमी लम्बे समय से बनी हुई है। इसके अलावा सबसे अधिक प्रोफेसरों की कमी डिग्री कॉलेज में है। हाल ही में सभी कॉलेजों में अध्ययापन कार्य के लिए अतिथि प्रोफेसरों की नियुक्ति की गई है। लेकिन प्रशासनिक कार्यों का दबाव तक इन पर कम नहीं है।

नए सिलेबस हुए जारी : सेमेस्टेर प्रणाली से पढ़ाई कराने कॉलेजों को नए सिलेबस तक दे दिए गए है। इसमें पहले दूसरे सेमेस्टर में कौन-कौन से टॉपिक पढ़ाए जाने है उसका निर्धारण सिलेबस में किया गया है। सभी कॉलेजों में पढ़ाई इसी सिलेबस के आधार पर कराई जाएगी। प्रोफेसरों के मुताबिक इसमें थोड़े बहुत परिवर्तन तक किए गए है।
संसाधन कम : ''बिलासपुरयूनिवर्सिटी ने सेमेस्टर प्रणाली तो लागू कर दी गई परीक्षाओं के संभावित तिथी तक कॉलेजों को दे दिया है, लेकिन समय संसाधनों की कमी तो पहले से कॉलेज में बनी हुई है। लेकिन हम सभी कार्यों को निर्धारित समय पर पूरा करने की पूरी कोशिश करेंगे।''- प्रो.रमेश कुमार तम्बोली, ऑटोनॉमसप्रभारी डिग्री कॉलेज ।
संसाधनों की कमी का हवाला देकर प्राचार्यों ने की थी सेमेस्टर सिस्टम नहीं लागू करने की मांग।