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बाइपास सड़क बनने से हादसों की संख्या में आएगी कमी
शहरमें बाईपास सड़क की योजना को राज्य सरकार के द्वारा इस वर्ष के वार्षिेक बजट में शामिल कराने की मांग फिर से जोर पकड़ने लगी है।कटनी गुमला एनएच सड़क शहर के बीच से गुजरने के कारण वाहनों का हर समय भारी दबाव बन गया है। शहर में अव्यवस्थित यातायात और वाहनों की दुर्घटनाओं में भारी इजाफा होने के बाद नागरिकों ने इस विकराल समस्या को चुनावी मुददा बनाया था।
भाजपा नेताओं ने भी इस मांग को जायज बताते हुए बाई पास सड़क योजना को स्वीकृति दिलाने की बात कही थी। विडंबना यह है कि यहंा अब भाजपा विधायक बन जाने के बाद पार्टी के नेताओं ने इस महत्वपूर्ण योजना को पूरी तरह से किनारे कर दिया है। राज्य के साथ केन्द्र में भी भाजपा की सरकार होने के बाद भी यहंा जनहित के इस मुददे को लेकर फिर से आवाज उठने लगी है। शहर के व्यवसायी तथा अन्य बुध्दिजीवि लोगों का कहना है कि पत्थलगांव शहर की बाई पास योजना को इस बार राज्य सरकार अपने वार्षिक बजट में शामिल कर इस दिशा में ठोस पहल करे।
शहर के बीच से गुजरने वाली कटनी गुमला तथा रायगढ़ से पत्थलगांव सड़क पर वाहनों का आवागमन बढ़ जाने से स्थानीय नागरिकों को जगह जगह मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। भारी वाहनों का आवागमन से आए दिन वाहनों की दुर्घटनाऐं तथा अक्सर चक्का जाम की समस्या से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बाईपास सड़क की अहम जरूरत को देखते हुए शहर के लोग पिछले दस सालों से यहंा बाईपास सड़क की मांग कर रहे हैं। भाजपा सरकार के तत्कालीन लोक निर्माण मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने यहंा पर बाईपास सड़क की जरूरत को वाजिब बताते हुए इस दिशा में ठोस पहल करने का आश्वासन भी दिया था। श्री अग्रवाल ने पत्थलगांव में बाईपास सड़क के लिए प्राक्कलन तैयार करवा कर इस महत्वपूर्ण विकास योजना को बजट में शामिल कराने की बात कही थी। इस बार विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा नेताओं ने बाईपास सड़क के काम को प्रमुखता के साथ पूरा कराने का आश्वासन देकर इसको चुनावी मुददा भी बनाया था।
रायगढ़ रोड पर ऐसा जाम अक्सर लग जाता है। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
युवा उद्योगपति आशिष अग्रवाल का कहना है कि ठोस योजना के अभाव में शहर का विकास अवरूध्द है। उन्होने कहा कि शहर का व्यवस्थित विकास के लिए यहंा पर मुख्य सड़कों का बेहतर होना बेहद जरूरी है। श्री अग्रवाल ने कहा कि यहंा सड़कों को बेहतर बनाने के लिए अभी तक कोई ठोस योजना नहीं बन पाने से शहर का विकास शुन्य है। श्री अग्रवाल ने कहा कि इस शहर में सड़कों की जर्जर दशा पर कभी भी ध्यान नहीं दिए जाने से यहंा के उद्योग धन्धो पर भी विपरित असर पड़ा है। उन्होने कहा कि शहर के बीच से गुजरने वाली कटनी गुमला सड़क को बाईपास से अलग करने के लिए यहंा लम्बे समय से मांग की जा रही है। इसके बाद भी सत्ता पक्ष के प्रभावशाली जनप्रतिनिधियों ने कोई पहल नहीं की है। उन्होने कहा कि यह विडम्बना ही है कि इस शहर को साफ सुथरा और सुन्दर बनाने के काम में नगर पचंायत का प्रारम्भ से ही बेहद उदासीन रवैया रहा है।इसी वजह तीन जिलो का प्रमुख व्यवसायिक केन्द्र उपेक्षा का शिकार हो रहा है। श्री अग्रवाल ने कहा कि पत्थलगांव में सभी सुविधायुक्त गौरवपथ का निर्माण के लिए करोड़ो रूपयों का आबंटन मिलने के बाद भी यह कार्य नहीं कराया गया। उन्होने कहा कि पत्थलगांव में बाईपास सड़क बनाने के बाद यहंा शहर की मुख्य सड़कों को दुरूस्त किया जा सकता हैं।
एंबुलेंस सेवा होती है प्रभावित
व्यापारीसंघ के अध्यक्ष रामलाल का कहना था कि बाइपास सड़क बनाने के लिए यहंा तीनो मुख्य मार्गो पर बेहतर विकल्प होने के बाद इस दिशा में जल्दी पहल होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय राज्य मंत्री विष्णुदेव साय को इस महत्वकांक्षी योजना का काम प्रारंभ कराने के लिए सार्थक पहल करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि रायगढ़ मार्ग,अम्बिकापुर मार्ग तथा जशपुर मार्ग से प्रति दिन हजारों भारी वाहनों की आवाजाही हो रही है।शहर के चौक चौराहों पर इन वाहनों की भीड़ के चलते घंटो तक आवागमन अवरूध्द हो जाता है। श्री अग्रवाल ने कहा कि यहंा पर भारी वाहनों की भीड़ के कारण यातायात व्यवस्था ठप्प हो जाने से कई बार एंबुलेंस जैसी जरूरी सेवा के काम में व्यवधान का सामना करना पड़ जाता है। उन्होने कहा कि राज्य के साथ केन्द्र में भाजपा की सरकार होने के बाद पार्टी के जनप्रतिनिधियों को इस काम के प्रति सहानुभूति पूर्वक विचार करना चाहिए।
बाईपास सड़क ही बेहतर विकल्प
पत्थलगांवके पूर्व विधायक रामपुकार सिंह का कहना है कि पत्थलगांव में वाहनों का आवागमन बढ़ जाने के बाद यहंा पर यहंा पर भारी वाहनों के लिए बाईपास सड़क का होना बेहद जरूरी हो गया है। उन्होने बताया कि जशपुर मार्ग से आने वाली वाहनों को शहर के बाहर से बाकारूमा तथा अम्बिकापुर मार्ग के वाहनों को दिवानपुर के रास्ते बाहर भेजे जाने के लिए बाईपास सड़क का प्रस्ताव वे तीन बार सरकार को दे चुके है। उन्होने बताया कि बाईपास सड़क के लिए दिवानपुर और तिलडेगा मार्ग का उपयोग करके अम्बिकापुर मार्ग,जशपुर मार्ग के अलावा रायगढ़ मार्ग पर यातायात का दबाव को दूर किया जा सकता है। श्री सिंह ने कहा कि पत्थलगांव शहर की आबादी में निरतंर हो रही वृध्दि तथा यहंा पर व्यवसायिक प्रतिष्ठान बढ़ने के बाद पत्थलगांव बड़ा शहर का रूप ले चुका है। उन्होने कहा कि कटनी गुमला राष्ट्रिय राज मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ने से यहंा पर सड़क दुर्घटनाओं में भी काफी इजाफा हुआ है।
पत्थलगांव में लगा जाम