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20 लाख गबन की जांच पूरी

7 वर्ष पहले
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रायगढ़.आजाक विभागके तात्कालीन सहायक संचालक बीके राजपूत के खिलाफ 20 लाख रुपए गबन करने मामले की जांच पूरी हो गई है। जांच अधिकारी ने रिपोर्ट भी कलेक्टर को सौंप दी है, मगर जानकारी देने के लिए प्रशासनिक अधिकारी आनाकानी कर रहे है। शुक्रवार को जब जानकारी मांगी गई तो किसी ने स्टेनाे के पास तो किसी ने वित्त शाखा में एडीएम पास फाइल होने की जानकारी दी। रिपोर्ट कॉपी अपर कलेक्टर के पास उपलब्ध ही नहीं थी, जिला प्रशासन गबन करने मामले की रिपोर्ट देने में आनाकानी क्यों कर रहा है, समझ से परे है। 12 अगस्त को छात्रावास अधीक्षक रायगढ़ ने कलेक्टर को शिकायत करते हुए बताया था कि मार्च 13 में 25 से 30 छात्रावास अधीक्षकों के नाम से छात्रावास मरम्मत के लिए 75-75 हजार रुपए के चेक जारी किए गए थे।

सारंगढ़, रायगढ़, बरमकेला और पुसौर ब्लाक के छात्रावास अधीक्षकों को निर्देश दिए कि चेक को भुना कर राशि इंजीनियर मिश्रा को दिया जाए, जहां उक्त इंजीनियर ने अधीक्षकों से यह कहते हुए राशि वापस ले ली कि वह छात्रावासों की मरम्मत कराएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके अलावा आरोप है कि हॉस्टलों में घटिया स्तर का रजिस्टर सप्लाई किया गया। एक छात्रावास में 40-40 रजिस्‍टर दिए गए। बाजार में रजिस्टर की कीमत 16 से 18 सौ रुपए है, लेकिन इसकी कीमत 6 हजार 90 रुपए बताया गया। एक अधीक्षक को 5 सौ रुपए का ही खरीदने का अधिकार है, इसलिए जिले के सभी अधीक्षकों के नाम से खरीदना बताया गया है। छात्रावास में रहने वाले बच्चों की बचत राशि का 50 प्रतिशत अजाक विभाग के तात्कालीन अधिकारी अतुल पांडेय के माध्यम से बीईओ से वसूली करने का भी आरोप था। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने जिला पंचायत सीईओ को जांच के आदेश दिए थे। सीईओ द्वारा जांच पूरी कर ली गई है। सूत्रों की माने तो गबन किया गया है, पर इतनी राशि का बंदरबांट नहीं हुआ है। बहरहाल इसकी रिपोर्ट मांगने पर प्रशासनिक अधिकारी रिपोर्ट कभी स्टेनो के पास तो कभी वित्त शाखा के बाबू के पास होने का हवाला देकर रिपोर्ट देने से बच रहे हैं।