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केस 01

7 वर्ष पहले
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जिले से करोड़ों रुपए डकार कर गायब हो गई फाइन इंडिया कंपनी

केस

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अब उपभोक्ता फोरम में रही शिकायतें

भास्करन्यूज | रायगढ़

चिटफंडकंपनियों की जांच के बाद अब फाइन इंडिया कंपनी के नाम से एक और कंपनी की शिकायतें आना शुरू हुई हैं। करोड़ों रुपए निवेश कराने के बाद भाग जाने वाली इस कंपनी के खिलाफ फोरम में बीते महीने भर में दर्जनों केस चुके हैं।

जिले में 5 साल पहले दस्तक देने वाली एक फाइनेंशियल कंपनी ने लोगों से ऊंची ब्याज दर का लालच देकर करोड़ों रुपए वसूल लिए और निवेशकों को दगा देकर कंपनी ने अपना कारोबार समेट लिया। उप्र के कानपुर की इस कंपनी ने जिले के पुसौर, तमनार, धरमजयगढ़ और घरघोड़ा के ग्रामीण इलाकों से अपने कामकाज की शुरुआत की। कंपनी ने एजेंटों के माध्यम से लोगों से प्रति महीने 10 से 25 प्रतिशत का ब्याज देने का दावा कर पैसे लेना शुरू किया और 10 हजार से लेकर एक लाख रुपए एकमुश्त लेकर निवेश कराया। कंपनी के मुताबिक निवेशकों को साल भर में अर्जित ब्याज पर 10 प्रतिशत टीडीएस देना था और मूलधन पर अर्जित ब्याज की रकम देने के लिए बैंकों में अलग से बचत खाते भी खुलवाए गए लेकिन जब साल भर में भी ब्याज मिलना शुरू नहीं हुआ तो निवेशकों ने रकम वापस मांगनी शुरू की।



पर कंपनी ने इसे परिपक्वता पर वापस करने की बात कहकर बात टाल दी। इस बीच कंपनी ने अपना पैकअप कर बिजनेस बंद कर दिया। निवेशक अब कंपनी के कानपुर स्थित हेड आफिस से संपर्क कर रहे हैं लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने से निवेशकों ने उपभोक्ता फोरम की शरण लेनी शुरू कर दी है। यही कारण है कि बीते महीने भर में फोरम में कंपनी के खिलाफ दर्जनों मामले आए हैं और इनमें से किसी भी केस में कंपनी ने जवाब नहीं दिया है। जिसके बाद फोरम ने भी एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए कंपनी के रजिस्टर्ड कार्यालय में करीब एक लाख 95 हजार रुपए का जुर्माने का नोटिस भेजा है और अलग अलग मामलो में अब तक 10 लाख 20 हजार रुपए मूलधन पर ब्याज सहित लौटाने का आदेश दिया है।

^चिटफंड कंपनियाें की बनाई गई सूची में फाइन इंडिया कंपनी का नाम तो नहीं था। कंपनी के खिलाफ कोई शिकायत मिलने पर प्रशासन के निर्देश पर कार्रवाई की जाएगी। जेआरजांगड़े, जिलाअल्प बचत अधिकारी

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