सूचना आयोग दे रहा भ्रष्टाचार को बढ़ावा
रायगढ़.देश मेंभ्रष्टाचार पर लगाम लगाने केन्द्र सरकार द्वारा सूचना का अधिकार कानून लागू किया गया था। जिसके सार्थक परिणाम सामने आये थे और सूचना का अधिकार आम जनता को प्राप्त होने के पश्चात जहां अनेक बड़े-बड़े लोगों के कारनामे उजागर हुए वहीं सरकार के अनेक घोटाले भी सामने आये थे। किंतु इसे निष्प्रभावी बनाने के लिये राज्य सरकारें लगी हुई है।
सूचना अधिकार कार्यकर्ता मुरारी गुप्ता ने आरोप लगाया कि राज्य सूचना आयोग द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाने की दिशा में अड़चन डालने का काम कर रहा है। सूचना अधिकार कार्यकर्ता ने आरोप लगाया है कि छत्तीसगढ़ राज्य में चारो तरफ भ्रष्टाचार हो रहा है। जिसे उजागर करने या कई मामलों में भ्रष्टाचार का शिकार हो चुके लोगों द्वारा सूचना का अधिकार कानून के तहत आवेदन लगाया जाता है। जिस पर 30 दिवस पर वांछित जानकारी देने की अनिवार्यता है। आवेदक 30 दिनों के इंतजार के बाद प्रथम अपील करता है जहां राज्य सरकार द्वारा पदस्थ अधिकारी ही पदस्थ है जो या तो आवेदक को 15 दिनों के भीतर जानकारी उपलब्ध कराने का आदेश देकर अपने कर्तव्यों के इतिश्री कर लेते है या अपील की कोई सुनवाई नहीं करते। जिसके चलते प्रदेश में हो रहे भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं लग पा रही है। सूचना अधिकार कार्यकर्ता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर राज्य सूचना आयोग की कार्यप्रणाली पर चिंता जताते हुए आग्रह किया है कि यदि वे भ्रष्टाचार मुक्त भारत के अपने सपने को सही मायने में लागू करना चाहते है तो राज्य सूचना आयोग की कार्यप्रणाली पर लगाम लगवाये।