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बिलासपुर से आई स्पेशल टीम ने वेंडर और किन्नरों पर 144 के तहत की कार्रवाई
बिलासपुरसे आई स्पेशल टीम की ओर से शनिवार को वेंडर किन्नरों पर रेलवे अधिनियम की धारा 144 के तहत कार्रवाई की गई। जोनल मुख्यालय से बनाई गई यह टीम अगस्त से अब तक कुल पांच बार रायगढ़ स्टेशन में कार्रवाई की चुकी है जिसमें वेंडरों किन्नरों के दर्जनों प्रकरण बनाए गए हैं।
शनिवार को दो पुलिस अधिकारी और चार जवानों समेत कुल 6 लोगों की टीम रायगढ़ पहुंची। टीम ने उत्कल एक्सप्रेस में अवैध रूप से फेरी लगा रहे कमल, सुनील जायसवाल वेंडर समेत मिट्ठुमुड़ा निवासी भारती, कुसुम नामक के दो किन्नरों को पकड़ कर आरपीएफ के हवाले किया। चारों पर रेलवे अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। ऐसे वेंडर और किन्नर यूं तो हर रोज प्लेटफार्म पर व्यवसाय और लोगों को परेशान करते हैं लेकिन कार्रवाई हमेशा स्पेशल टीम द्वारा ही की जाती है।
सामान्य तौर पर आरपीएफ के अधिकारी और जवानों की मिलीभगत के कारण किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जाती है। अगस्त माह से लेकर अब तक आरपीएफ की स्पेशल टीम ने वेंडर और किन्नरों के दर्जनों प्रकरण बनाए हैं, जिन्हें जमानत पर छोड़ दिया जाता है। इनमें कुछ एेसे वेंडर तक शामिल है, जिन पर तीन बार तक प्रकरण दर्ज किए गए हैं लेकिन आरपीएफ द्वारा सख्ती नहीं बरतने के कारण वे फिर अपने कारोबार में लग जाते हैं।
बढ़ताजा रहा किन्नरों का आंतक - वेंडरोंके अलावा पिछले कुछ समय से किन्नरों की संख्या में एकाएक बढ़ोत्तरी हुई है। अप डाउन दोनों तरफ से आने वाली गाड़ियों में इनके दल छोटी-छोटी टुकडिय़ों में घूमते हैं। ये किन्नर ट्रेनों में यात्रियों से वसूली करने के लिए अभद्रता भी करते हैं। ये लोग आरपीएफ कमर्शियल विभाग की अनदेखी के चलते किसी भी ट्रेन पर चढ़कर रुपए वसूल करते हैं।
सहायक उप निरीक्षक ने किन्नरों का बताया यात्री
सहायकउप निरीक्षक बीआर साहू ने कुसुम और भारती नाम के दो किन्नरों को बचाने की कोशिश की और उन्हें यात्री बताया,जबकि बिलासपुर से आई टीम ने उन्हें रुपए वसूलते हुए उत्कल एक्सप्रेस से पकड़ा था। उन पर रेलवे अधिनियम की धारा के अंतगर्त कार्रवाई की गई है। वहीं दोनों किन्नरों ने पहले अपना पत रायगढ़ से बाहर बताया, जबकि आरपीएफ के अनुसार दाेनों ही रायगढ़ मिट्ठुमुड़ा की रहने वाली है।