कार्मेल का पिछला गेट अब तक नहीं खुला
शहरमें विकास कार्यों के साथ लोगों की समस्याओं के निराकरण को लेकर निगम कितना गंभीर है, इसका अंदाजा कार्मेल स्कूल के पीछे बनने वाले पुल निर्माण को देख कर लगाया जा सकता है।
कार्मेल स्कूल में छुट्टी के दौरान ओपी जिंदल मार्ग पर घंटों जाम से जूझ रहे लोगों को समस्या से निजात दिलाने कलेक्टर मुकेश बंसल और तत्कालीन निगमायुक्त ने स्थल का निरीक्षण कर कार्मेल के पीछे हिस्से में एक पुल बनाए जाने स्कूल का दरवाजा पीछे से खोलने के निर्देश दिए थे। इसके लिए टेंडर हुआ और ठेकेदार को वर्क आर्डर भी जारी किया गया। काम दो दिनों चला और फिर पिछले लंबे समय से बंद है। इसकी जानकारी तो निगम के महापौर को है और ही निगम आयुक्त को। ढिमरापुर रोड स्थित कार्मेल स्कूल में छुट्टी के दौरान मार्ग पर हर सोमवार से शनिवार जान लगता है। इससे सिर्फ वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है, बल्कि आकस्मिक चिकित्सा सुविधा संजीवनी एक्सप्रेस भी फंस जाती है। इसके अलावा स्कूली बच्चों पर दुर्घटना की भी संभावना बनी रहती है। इन्हीं समस्या को दूर करने के लिए दैनिक भास्कर द्वारा ढिमरापुर रोड को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए अभियान चलाकर खबर प्रकाशित की। जिसके बाद एबीवीपी सामाजिक संगठनों के द्वारा स्कूल के पीछे गेट खुलवाने के लिए मांग करने लगे। लिहाजा कलेक्टर मुकेश बंसल के द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने मौके का निरीक्षण किया और जल्द से जल्द स्कूल के पीछे नाली पर एक पुल बनाने और स्कूल प्रबंधन को पीछे गेट खोलने का आदेश दिया गया। इसके बाद निगम द्वारा पुल बनाने के लिए टेंडर जारी किया गया और एक ठेकेदार को ठेके पर काम देते हुए तीन महीने के भीतर बनाने का समय दिया गया था। मगर डेढ़ महीना बीत चुका है। अब तक स्कूल के पीछे पुल बनाने के लिए नींव तक नहीं रखी गई है। इसकी वजह क्या है तो महापौर बता पा रहे है ही आयुक्त।
कुछ दिन काम करने के बाद बंद पड़ा कार्य